पिछले चार दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से नदियाें में उफान है। इसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। चंबल का जलस्तर 124 मीटर पहुंच गया है तो उटंगन नदी में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। क्योंकि भरतपुर के पांचना डैम में पानी का दबाव बढ़ने से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो देर रात को पानी आगरा की सीमा प्रवेश करेगा। उटंगन नदी आगरा जिले में तहसील किरावली, खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह से होकर बहती है। बाह में यह यमुना नदी से मिल जाती है। इससे तटवर्ती गांवों में अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। वहीं कई दशक बाद तेरहमोरी बांध में लोगों ने पानी ने देखा है। इससे फतेहपुर सीकरी के क्षेत्र के किसान खुश भी हैं। कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बना दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकुमार ने बताया कि सभी लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदारों को सतर्क रहने को कहा है। प्रधानों और ग्रामीणों को चेतावनी जारी गई है। यमुना नदी में भी जलस्तर बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों में करीब तीन फुट स्तर बढ़ कर 485 फुट पहुंच गया। ताजेवाला (हथिनीकुंड) बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि इससे खतरे की कोई बात नहीं है। आगरा में यमुना नदी में लो फ्लड जोन करीब 495 फुट है। एहतियातन प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। चंबल के किनारे बसे गांवों से पलायन शुरू आगरा। चंबल नदी के उफान के कारण किनारे पर बसे गांवों रेहा, कछियारा, बीचकापुरा, उपरीपुरा, जेबरा, भटपुरा, गोहरा, रानीपुरा आदि में हाई अलर्ट किया गया है। ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। पिनाहट घाट पर स्टीमरों का संचालन तीन दिन से बंद है। इससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा रहने वाली जनता को तीन दिन से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा।