कासगंज। अक्षय नवमी रविवार को रवि योग, शिव वास योग में मनाई जाएगी। ज्योतिषी पर्व के दिन बन रह इन योग को शुभ मान रहे हैं। इस दिन पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होगी। महिलाएं पर्व को मनाने के लिए तैयारियों में जुटी रहीं।ज्योतिषाचार्य मुकंद बल्लभ भट्ट ने बताया कि आंवला नवमी स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। इस दिन दान, जप व तप सभी अक्षय होकर मिलते हैं । भविष्य, स्कंद, पद्म और विष्णु पुराण के मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। आंवला के पेड़ में अक्षय नवमी से कार्तिक पूर्णिमा तक भगवान विष्णु निवास करते हैं। इस दिन विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सपरिवार आंवले के पेड़ के नीचे बैठ कर भोजन करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। रोग, दोष और भय से छुटकारा मिलता है। आंवले के पेड़ की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन रवि योग सुबह 10 बजकर 59 मिनट से 11 नवंबर को सुबह 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। नवमी को पूरे दिन ध्रुव योग है, जो देर रात 1: 42 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही शिव वास योग का भी संयोग रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 10:59 बजे तक रहेगा।, फिर शतभिषा नक्षत्र है। पूरे दिन पंचक रहेगा। रवि योग को सूर्य का अभीष्ट प्राप्त होने के कारण प्रभावशाली योग माना जाता है। सूर्य की पवित्र ऊर्जा से भरपूर होने से इस योग में किया गया कार्य अनिष्ट की आंशका को नष्ट करके शुभ फल प्रदान करता है।