फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में इलाज में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेट में गांठ दिखाने पहुंचे मरीज क्षय रोग विभाग की ओपीडी से एचआईवी सेंटर भेज दिया गया। यहां भी आनन-फानन में एड्स की दवा दे दी। कागजों में ही काउंसिलिंग कर रिपोर्ट कार्ड तैयार कर दिया। मरीज ने तीन दिन यहां की दवा भी खाली। जब स्वास्थ्यकर्मियों को जानकारी हुई कि तो मरीज को दवा वापस करने के लिए अब मोबाइल पर फोन आ रहे हैं। पीड़ित ने सीएमएस से लापरवाही की शिकायत की है।
एचआईवी की जांच आई थी निगेटिव
क्षेत्र ग्राम ऐलई निवासी एक शख्स के पेट में मवाद पड़ गया था। इलाज क्षय रोग कार्यालय के माध्यम से चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर वह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां एचआईवी की जांच कराई गई। रिपोर्ट में निगेटिव आई तो मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभाग की ओपीडी में चिकित्सक के पास पहुंचा, यहां चिकित्सक ने मरीज की बिना जांच किए कमरा नंबर 16 में संचालित एचआईवी सेंटर पर भेज दिया। यहां तैनात कर्मचारी ने रिपोर्ट देखे बगैर मरीज को एड्स पीड़ित मानकर कागज तैयार कर दिए और एड्स की दवाई दे दी।
पत्नी और बच्चों का भी कराया टेस्ट
इतना ही नहीं पत्नी और बच्चों की भी टेस्ट कराने के लिए कहा। इस पर पीड़ित बच्चों और पत्नी को टूंडला सीएचसी पर एचआईवी की जांच कराने पहुंच गया। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। पीड़ित रवीश शर्मा ने बताया कि तीन दिन दवा खाई है। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी के फोन आ रहे हैं कि दवा गलती से पहुंच गई है। दवा वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. श्याम मोहन गुप्ता ने बताया कि शिकायत अभी मेरे पास नहीं आई है। इस लापरवाही की जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।