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ईधन के दामों ने बिगड़ा कारोबार का गणित :: फ़ोटो ट्रैक पर

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-ट्रांसपोर्ट, ऑटोमोबाइल, टूर एन्ड ट्रेवल पर पड़ा सबसे ज्यादा फर्क। अमर उजाला ब्यूरो आगरा। लगातार बढ़ रहे ईधन के दामों ने कारोबार का गणित बिगाड़ दिया है। ट्रांसपोर्ट, ऑटोमोबाइल, टूर एन्ड ट्रेवल पर सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है। --- 15 करोड़ का झटका: आगरा के ट्रांसपोर्ट कारोबार को औसतन 15 करोड़ रुपये का झटका लगा है। आगरा पब्लिक कैरियर असोसिएशन के महासचिव देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि लॉक डाउन के कारण पहले से कारोबार की स्थिति खराब है। उस पर ईधन के दामों ने चोट पहुँचानी शुरू कर दी है। मसलन, अब हमारी जेब पर 30 हजार रुपये हर माह का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। आगरा में 5 हजार व्यावसायिक वाहन चलते हैं , इस हिसाब से औसतन 15 करोड़ रुपये का फर्क आ गया। ------- ग्राहकों के ठिठके कदम: ऑटोमोबाइल डीलर्स असोसिएशन आगरा के संस्थापक मयंक बंसल के मुताबिक डीजल गाड़ियों को लेकर ग्राहकों के कदम ठिठक गए हैं। डीजल गाड़ियों का 30 फीसदी बाजार है। साथ ही पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में 1.5 लाख महंगी भी मिलती है। लोग इसे माइलेज के कारण खरीदते थे। बढे हुए दामों की वजह से ये आकर्षण भी खत्म हो जाएगा। रीसेल वैल्यू भी कुछ नहीं रहेगी। ----- दिल्ली जाने को दो हजार अधिक खर्च: आगरा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट असोसिएशन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र कहते हैं कि आगरा से दिल्ली बस द्वारा जाने के लिए अब करीब 2 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। इधर, पहले ही पर्यटक न आने से कारोबार के हालत खराब हैं। ---- एक हजार रुपये अधिक भाड़ा चुका रहे: सिकन्दरा मंडी स्थित फलों के आढती व पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह कहते हैं कि लखनऊ से आने और जाने वाले माल पर एक हजार रुपये अधिक भाड़ा चुका रहे हैं। करीब 100 वाहनों का आवागमन होता है। पहले 6 हजार देते थे अब 7 हजार दे रहे हैं। --- आगे पड़ेगा असर: आगरा व्यापार समिति के अध्यक्ष जेपी अग्रवाल के मुताबिक अभी खाद्यान्न की कीमतों पर फर्क नहीं है, लेकिन स्थिति यही रही तो खाद्यान्न के दामों में जल्द इजाफा हो जाएगा। जिसका भार ग्राहक की जेब पर ही पड़ेगा। ----- जनता टॉक: अब 550 का पेट्रोल: शास्त्रीपुरम निवासी नौकरीपेशा जितेंद्र सलूजा ने बताया कि वे अपने संजय प्लेस स्थित आफिस जाने के हर हफ्ते बाइक में 500 रुपये का पेट्रोल डलवाते थे। अब इतनी ही दूरी के लिए 550 का डलवाना पड़ रहा है। ------ पहले ही काफी खर्चे: सदर निवासी नौकरीपेशा मनीष मित्तल ने बताया कि महामारी और लॉक डाउन के चलते पहले ही इतना खर्च बढ़ गया है। उस पर ईधन के बढे हुए दाम ने हलकान कर दिया है।
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