डीएम ने पुलिस को भेजी थी 10 पीड़ितों की शिकायतें, नहीं शुरू हुई जांच
श्री पारस अस्पताल के 10 पीड़ितों ने प्रशासन को बयान दर्ज कराए थे। जांच रिपोर्ट में बयानों को एहिमियत नहीं मिली। प्रशासन ने पीड़ितों के प्रार्थनापत्र आगे की कार्रवाई के लिए थाना पुलिस को भेजे थे, लेकिन दस दिन बाद थाना पुलिस ने भी किसी पीड़ित के बयान नहीं लिए। उनकी शिकायतों के संबंध में साक्ष्य नहीं जुटाए। ऐसे में पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं।
26 व 27 अप्रैल को अपने स्वजनों को खोने वाले पीड़ित पुलिस व प्रशासन के बीच फुटबाल बन गए हैं। पहले एडीएम सिटी व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। जांच रिपोर्ट में अस्पताल संचालक के बयानों का जिक्र है, लेकिन पीड़ितों का कहीं कोई जिक्र नहीं। जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट देने के बाद पीड़ितों के प्रार्थनापत्र थाना पुलिस को भेजे गए थे। तब डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा था पुलिस प्रार्थनापत्रों के आधार पर जांच करेगी। पीड़ितों को जो कहना है पुलिस को बताए। परंतु 10 दिन बाद भी पुलिस ने प्रार्थना पत्रों को लेकर पीड़ितों के बयान दर्ज किए न साक्ष्य जुटाए। पुलिस व प्रशासन के रुख से आहत पीड़ितों ने अब अधिवक्ताओं से सहयोग मांगा है।
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