फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: बस स्टेंड पर नशे की हालत में मिली किशोरी की मेडिकल रिपोर्ट देख उड़े पुलिस के होश, निकली गर्भवती 

Sat, 07 May 2022 11:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

30 अप्रैल की रात नशे की हालत में मिली किशोरी को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया था। जांच के दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए किशोरी का मेडिकल कराया जा चुका है। उसका आरोप है कि भाई ने दोस्त के साथ मिलकर शोषण किया था। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में नशे की हालत में मिली 16 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में सात दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें उसने अपने भाई और दोस्त पर शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। किशोरी का दुष्कर्म की पुष्टि के लिए मेडिकल कराया जा चुका है। अब आयु की जांच के लिए एक और मेडिकल कराया जाएगा।

मेडिकल में हुई गर्भवती होने की पुष्टि 

किशोरी न्यू आगरा क्षेत्र की रहने वाली है। 30 अप्रैल की रात को पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी गई थी। आईएसबीटी के पास वो नशे की हालत में पड़ी थी। पुलिस ने चाइल्ड लाइन की मदद से किशोरी को आश्रय दिलाया था। चाइल्ड लाइन ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया था। इसके बाद उसे वन स्टाप सेंटर में भर्ती करा दिया गया था। पांच मई को थाना प्रभारी एएचटीयू ने जानकारी ली। इसमें पता चला कि पीड़िता नाबालिग है। मेडिकल में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। काउंसिलिंग में पीड़िता ने अपने भाई और दोस्त पर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए थे।

दर्ज किया गया मुकदमा 

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि शनिवार को पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट लगाया गया है। उसने अपने भाई और एक दोस्त पर अरोप लगाए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। किशोरी का लेडी लायल में मेडिकल कराया जा चुका है। अब उसकी आयु की सही जानकारी के लिए एक और मेडिकल कराया जाएगा।

सामाजिक कार्यकर्ता ने किया था ट्वीट

पीड़ित किशोरी सात दिन से आश्रय गृह में रह रही है। उसने काउंसिलिंग में अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी थी। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि चाइल्ड लाइन की काउंसिलिंग में किशोरी ने बताया था कि उसका भाई शारीरिक शोषण करता है। इस कारण वो घर में रहना पसंद नहीं करती थी। यह भी बताया था कि एक महिला उसे लोगों के पास भेजती थी। इसमें आटो चालक और अंजान लोग हुआ करते थे। वह उसे जंगल और होटलों में ले जाया करते थे। नरेश पारस ने बताया कि उन्होंने शनिवार को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री कार्यालय, महिला बाल विकास विभाग, डीजीपी को ट्वीट किया था। इसमें मुकदमा दर्ज नहीं होने के बोर में लिखा था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। बाल कल्याण समिति ने भी थाना पुलिस को मुकदमा लिखने के लिए आदेशित किया। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की। 

पुलिस कर रही आरोपियों को चिह्नित

थाना प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि किशोरी के बयान दर्ज कराए जाएंगे। उसने जिन लोगों के बारे में बताया है, उनकी तलाश की जाएगी। युवती जिस स्थान पर मिली थी, वहां भी लोगों से पूछताछ होगी। आरोपियों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित अभी फिलहाल आशा ज्योति केंद्र में रखी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें