आगरा। खुदाई का काम करने वाले मजदूर पिता ने अपने बेटे-बेटी को उच्च शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पढ़ाई के लिए दो शिफ्टों में काम किया। सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के दौरान ही दोनों ने पुलिस उपनिरीक्षक की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में चयन हो गया। घर लौटकर बेटे शिशांक और बेटी सिमरन ने अपने माता-पिता को कैप पहनाकर सैल्यूट किया। शाहगंज की बारह खंभा बस्ती में रहने वाले बलवीर सिंह टोरंट पावर कंपनी में लाइनमैन हैं। वह खुदाई के साथ ही केबल आदि का करते हैं। बलवीर ने बताया कि वह छह हजार रुपये मासिक की नौैकरी करते हैं मगर उन्होंने अपने दोनों बेटों और बेटी को पढ़ाने के लिए दिन-रात नहीं देखा। ओवरटाइम किया ताकि अच्छी शिक्षा दिला सकूं। बेटी सिमरन ने आगरा कालेज से एमएससी करने के बाद बीटीसी की। सीजीएल की तैयारी के दौैरान ही उसने यूपी पुलिस का फॉर्म भर दिया। छोटे भाई शिशांक ने आरबीएस इंजीनियरिंग कालेज, बिचपुरी से बीटेक किया था। उसने भी बहन के साथ फॉर्म भरा। दोनों ही पहले प्रयास में उप निरीक्षक बन गए। बेटी-बेटा जब पुलिस की वर्दी में पिता के सामने पहुंचे तो उनकी आंखें भर आईं। दोनों ने मां-पिता को पुलिस की कैप पहनाकर सैल्यूट किया। बलवीर का कहना था कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके दोनों बच्चे पुलिस अधिकारी बन जाएंगे। शिशांक ने कहा कि अभी वह अपनी सिविल सेवा की तैयारी जारी रखेंगे।
समाज के लोगों ने किया अभिनंदन
आगरा। डॉ. बीआर आंबेडकर एकता फाउंडेशन की ओर से सिमरन और शिशांक का पुलिस उपनिरीक्षक बनने पर अभिनंदन किया गया। संस्था अध्यक्ष आशीष प्रिंस, राजेंद्र टाइटलर, रितेश सोनकर, विवेक कुमार बौद्ध, शैलेंद्र मधुकर, नीरज कुमार स्मृति चिह्न भेंटकर अभिनंदन किया। आशीष ने कहा कि दोनों युवाओं ने समाज का मान बढ़ाया है।
आगरा।