आगरा। नगर निगम की राजस्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद पार्षदों के आरोप सही साबित हुए। नगर निगम के सदन में पार्षदों ने गृहकर नोटिसों के नाम पर अवैध वसूली और राजस्व निरीक्षकों की खुली लूट के आरोप लगाए थे, जिन पर कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को राजस्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता को कमला नगर के एक भवन के संपत्ति कर मामले में दो लाख रुपये की घूस लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।नगर निगम ने शहर में 40 हजार से ज्यादा संपत्तिधारकों को गृहकर बकाए के नोटिस भेजे हैं, जबकि पूर्व में नगर निगम सदन ने सांई कंस्ट्रक्शन के गृहकर सर्वे को खारिज कर दिया था। राजस्व निरीक्षक, सुपरवाइजरों की लगातार शिकायतें इस मामले में नगर निगम के पार्षद और मेयर के सामने आती रहीं हैं। पूर्व सदन ने गृहकर के नोटिसों को खारिज करने का प्रस्ताव पास कर लखनऊ भेज दिया था, लेकिन वहां से कोई आदेश न आने पर नगर निगम उसी सर्वे के आधार पर नोटिस भेज रहा है।
जानबूझकर गड़बड़ी की गई
- हम लगातार संपत्ति कर विभाग में लोगों से वसूली की शिकायतें करते रहे हैं। सदन में भी कई बार केस रखे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जानबूझकर गड़बड़ी की गई हैं। -रवि बिहारी माथुर, पार्षद
कई बार शिकायत की है
- पुराने शहर में लाखों रुपये के टैक्स बताकर सेटिंग कर लेने की कई शिकायतों को सदन में रख चुके हैं। राजस्व निरीक्षकों ने टैक्स में ऑनलाइन सिस्टम के बाद भी कई गड़बड़ी कर रखी हैं। -राकेश जैन, पार्षद