बाह (आगरा)। चंबल नदी के अटेर और पिनाहट घाट पर दो राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बन रहे पुलों के निर्माण में देरी का मामला हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में बाह के गढवार गांव के रहने वाले अधिवक्ता अवधेश भदौरिया ने जनहित याचिका के माध्यम से उठाया है। खंडपीठ ने शासन से पुलों के निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट के साथ जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता अवधेश भदौरिया ने 2014 में जनहित याचिका के माध्यम से मुरैना-पिनाहट के बीच बन रहे उसैथ पुल, भिंड और जैतपुर के बीच बन रहे अटेर पुल के निर्माण में हो रही देरी का मामला उठाया था। जिस पर मध्य प्रदेश शासन ने अटेर जैतपुर का पुल एग्रीमेंट के अनुसार 15 जून 2019 तथा उसैथ पिनाहट पुल का निर्माण 28 महीने में पूरा होने की बात कही थी। समय सीमा बीत गई, पुलों का निर्माण पूरा नहीं हुआ। जिस पर अवधेश भदौरिया ने 3 दिसंबर 2020 को पुन: जनहित याचिका के माध्यम से मामले को उठाया। जिस पर दो-तीन साल में निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी। अधिवक्ता ने बताया कि अब 2024 में दोबारा मामले को उठाया है। जिस पर हाईकोर्ट ने शासन को पुलों के निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
ये है वर्तमान तस्वीर
अटेर पुल का निर्माण पूरा हो गया है। दोनों ओर पहुंच मार्ग बनने हैं, सड़क संपर्क भी जोड़ा जाना है। वहीं, पिनाहट पुल पर पिलर खड़े करने के बाद स्लीपर डाले जाने का काम शुरू हुआ है। जमीन अधिग्रहण का भी पेच फंसा हुआ है।