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पार्क में प्रवेश का शुल्क, स्थित बदहाल; शहीद स्मारक पर भी लगेगा टिकट, एडीए इस तरह कराएगा रखरखाव

Sun, 26 Mar 2023 11:16 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में विकास प्राधिकरण 15 अप्रैल से शहीद स्मारक पर टिकट लगाएगा। यहां आने वाले लोगों को टिकट लेकर ही पार्क में प्रवेश मिलेगा। इसके रखरखाव करने का देख आप हैरान रह जाएंगे। इससे पहले सुभाष पार्क में वर्षों से 10 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट चार्ज किया जाता है।
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सुभाष पार्क की स्थिति बदहाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में संजय प्लेस के शहीद स्मारक पर आगरा विकास प्राधिकरण 15 अप्रैल से टिकट लगाएगा। टिकट लगाकर पार्क का रखरखाव करने का एडीए का तरीका कुछ ऐसा है कि आप हैरान रह जाएंगे। एमजी रोड पर सुभाष पार्क को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां वर्षों से 10 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट है। इसके बावजूद पूरा पार्क बदहाल है।

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कलेक्ट्रेट से महज 300 मीटर पहले सुभाष पार्क का वाटर चैनल सूखा पड़ा है। पहले यहां बतख तैरती थीं। मनोरंजन के लिए लगाए झूले टूट चुके हैं। कुछ ऐसे हैं, जहां झूलने पर चोट लगना या कपड़े फटना तय है। घास सूखी है और महीनों से पार्क की सफाई नहीं हुई, जबकि हर व्यक्ति से यहां 10 रुपये का प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। यहां न टायलेट साफ हैं और न झूले, नहर सूखी है, पुलिया टूटी और जर्जर हैं। 

पूरा पार्क प्लास्टिक, पॉलीथीन और पानी के पाउच से पटा पड़ा है। झाड़ियों में कई आपत्तिजनक सामग्री भी दिखाई देती हैं। एडीए इसी तर्ज पर शहीद स्मारक पर भी टिकट लगाने के लिए सुझाव और आपत्तियां मांग रहा है। आपत्तियां 3 अप्रैल तक जयपुर हाउस स्थित कार्यालय में दी जा सकती हैं।

यहां शो करवाकर ले टिकट

नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि हमारे लिए शहीद स्मारक आस्था का केंद्र है। एडीए यहां प्रवेश शुल्क न लगाए। यहां लाइट एंड साउंड शो करे, म्यूजिकल फाउंटेन शो करे और उस पर टिकट ले। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक इतने कार्यक्रम होते हैं, वह कहां होंगे।

टिकट लगाने का औचित्य नहीं

संजय प्लेस निवासी रवींद्र खंडेलवाल ने कहा कि हम वरिष्ठ नागरिक हैं जो सुबह घूमने और शहीदों को नमन करने के लिए आते हैं। यहां टिकट लगाने का कोई औचित्य नहीं, जबकि देश के सभी शहीद स्मारक और युद्ध स्मारक निशुल्क हैं। यह प्रस्ताव वापस लेना चाहिए।

रखरखाव का अन्य मॉडल अपनाएं

एक्टिविस्ट शिशिर भगत ने कहा कि पार्क और शहीद स्मारक के रखरखाव का कोई अन्य मॉडल भी अपनाया जा सकता है, पर टिकट लगाना ठीक नहीं है। यह आस्था का केंद्र है, जहां पूरे शहर के संगठन शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। सेल्फी पॉइंट की तरह इसे आकर्षक बनाया जाए। यह शहर के सबसे बड़े कॉमर्शियल हब का हिस्सा है।

व्यवस्थाएं बेहतर होंगी

एडीए सचिव गरिमा सिंह ने कहा कि एडीए शहीद स्मारक की साफ सफाई, बिजली खर्च, हरियाली आदि पर खर्च करता है। इसके लिए बजट चाहिए। टिकट लगेगा तो बेहतर व्यवस्थाएं होंगी।

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