आगरा के अधिवक्ता सुनील शर्मा की मौत के मामले में क्राइम सीन दोहराने के बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक फ्लैट नंबर 801 की बालकनी से 802 की बालकनी में जाना का रिहर्सल करेंगे। क्रेन की मदद से सुरक्षा इंतजाम के साथ वैज्ञानिक एक फ्लैट से दूसरे में जाएंगे। इससे यह पता करने की कोशिश होगी कि अधिवक्ता दबिश के दौरान एक फ्लैट से दूसरे में गए थे या फिर नहीं।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि क्राइम सीन दोहराया गया था। इसमें आठवीं मंजिल से पुतले को 4 बार गिराकर देखा गया था। मगर, घरवालों का कहना था कि पुतला उतने वजन का नहीं था, जितना वजन सुनील शर्मा का था। इस बारे में फोरेंसिक वैज्ञानिकों से बात की गई। उन्होंने बताया कि एसओपी के मुताबिक, क्राइम सीन दोहराया गया था। उसी आधार पर पुतले का वजन भी रखा गया। अब इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
यह भी आशंका है कि सुनील शर्मा अपने फ्लैट 801 की बालकनी से दूसरे फ्लैट 802 की बालकनी में गए। इसके बाद गिरे थे। फोरेंसिक टीम को पत्र लिखा गया है। कहा गया है कि इन फ्लैट की बालकनी से जाने को लेकर भी एक प्रक्रिया अपनाकर देखें। इससे पता चल जाएगा कि बालकनी से लटककर एक से दूसरे फ्लैट में जाया जा सकता है या नहीं। यह पूरा डेमो क्रेन या हाइड्रा की मदद से की जाएगा। इसे भी वैज्ञानिक ही पूरा करेंगे। सुरक्षा इंतजाम करके डेमो होगा।