मैनपुरी। थाना दन्नाहार क्षेत्र में गांव छोटी जरामई के बाद एक बार फिर पास के गांव कपूरपुर में सियार के हमले की घटना हुई। लेकिन गांव की रहने वाली एक महिला ने दावा किया कि हमला करने वाला भेड़िया था। सूचना पर वन विभाग की टीम ने गांव जाकर जानकारी जुटाई। जांच में हमला करने वाला सियार निकला। सियार की क्षेत्र में मौजूदगी को लेकर ग्रामीण सर्तकता बरत रहे हैं।
दन्नाहार क्षेत्र के गांव छोटी जरामई निवासी प्रांशू ने कुछ दिन पूर्व भेड़िये के हमले की बात कही थी। वन विभाग की टीम ने जांच टीम गठित की और अपनी रिपोर्ट दी। इसमें हमला करने वाले की पहचान सियार के रूप में हुई थी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के जागरूक रहने के लिए भी कहा था। शनिवार की रात गांव कपूरपुर की रहने वाली 45 वर्षीय सुशीला देवी घर की एक बच्ची के साथ खेत पर गई थीं। तभी बाजरा के खेत में कुछ हलचल हुई। जब तक वह कुछ समझ पाती। उन पर बाजरा के खेत से तेजी के साथ निकले एक जानवर ने उन पर हमला कर दिया। उनके पैर को काटना चाहा लेकिन वह पीछे हट गईं। हमले में उनकी साड़ी फट गई। हमले की इस घटना के बाद वह बच्ची को लेकर चीखती हुई घर की ओर भागीं। इस दौरान रास्ते में उन्हें कुछ ग्रामीण मिले तो महिला ने भेड़िये के हमले की बात कही। इस पर कई ग्रामीण एकत्र होकर खेत पर गए और काफी देर तक बाजरे के खेत में तलाश की लेकिन वहां कोई जानवर नहीं मिला।
जानकारी होने के बाद डीएफओ संजय कुमार मल्ल ने निर्देश पर क्षेत्रीय वन अधिकारी शोएब आलम अंसारी 7 सदस्यीय टीम के साथ गांव में जांच करने के लिए पहुंचे। हमले का शिकार सुशीला देवी से घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम ने सुशीला देवी को पहले सियार फिर भेडिय़ा के फोटो दिखाए। जिस पर सुशीला देवी ने सियार का फोटो देखकर बताया कि हमलावर जानवर यही था। भेड़िये के हमले की अफवाह पर विराम लगाते हुए वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को जागरुक किया। ग्रामीणों से कहा कि इस प्रकार की घटना होने पर वन विभाग को तत्काल सूचना दें। अफवाहों पर ध्यान न दिए जाने की भी बात कही। जांच टीम में शोएब आलम अंसारी, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी दाताराम, वन दरोगा राजेश कुमार, राजेश कुमार, शिवा राठौर, सुशील तिवारी, महाराज सिंह शामिल थे।