मैनपुरी। जागीर के गांव सगामई के बाद अब कुरावली के गांव सिढ़पुरा में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। सिढ़पुरा में बुखार के मरीजों की घर-घर चारपाइयां बिछी हुई हैं। आठ दिन पहले बुखार से पीड़ित एक युवक की मौत हो चुकी है। आधा दर्जन से अधिक लोग आगरा में भर्ती हैं। रोगियों की निजी पैथोलॉजी पर हुई रक्त की जांच में सात लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जानकारी होने पर सीएमओ के निर्देश पर गांव में शिविर लगाकर मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
क्षेत्र के गांव सिढ़पुरा में पिछले 15 दिनों से बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। गांव में घर-घर बुखार से लोग पीड़ित हैं। गांव के रहने वाले 32 वर्षीय रवीराज को बुखार आने पर परिजन कस्बा कुरावली में निजी डाक्टर के यहां उनका इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें एटा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वजन के अनुसार वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई और 20 सितंबर को उनकी मृत्यु हो गई। इसके अलावा अनीता देवी, कामिनी, शशी, ईशू, सुधा देवी, रीना देवी, सुशीला देवी, शेखर, जतिन कुमार सहित 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं।
गांव के कैलाश, खुशबू, दिनेश कुमार, राजू, कुंती देवी, गुलशन, और रागिनी पिछले आठ दिनों से आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। परिजन के अनुसार निजी अस्पताल में कराई गई जांच में इन लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में पिछले 15 दिनों से बुखार प्रकोप फैले होने के कारण घर-घर लोग पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाकर उपचार देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
गंदगी और जलभराव से बढ़ रहे मच्छर
गांव में जलभराव और गंदगी होने के कारण लगातार मच्छरों की संख्या से बढ़ती जा रही है। लोग डेंगू और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से इस ओर ध्यान दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जगह-जगह हो रहे जलभराव से निजात दिलाई जाए तभी बीमारियां कम हो सकती हैं।
गांव में बुखार के मरीजों की सूचना मिली है। शनिवार को टीम भेजकर उपचार दिलाया जाएगा।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ