फोटो27नगला दुर्जन में भरे बाढ़ के पानी के बीच से होकर निकलते ग्रामीण।संवाद
कासगंज। गंगा का उफान अब थमने लगा है। 36 दिन के बाद बुधवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर कम हो पाया है। 5 अगस्त को गंगा का जलस्तर इस निशान को पार कर गया था। जलस्तर में अभी और कमी आएगी। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अभी भी बाढ़ से प्रभावित हुए गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बाढ़ थमने के साथ ही बैराजों से प्रवाह में कमी आई। हरिद्वार के भीमगोंड़ा बैराज, बिजनौर के मध्यगंगा बैराज एवं नरौरा के चौधरी चरण सिंह बैराज से लगातार प्रवाह कम हो रहा है। बृहस्पतिवार को यह प्रवाह और कम होने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग के मुताबिक से 10 से 15 सेंटीमीटर जलस्तर में और कमी आएगी। इसी के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में भरे पानी की निकासी शुरू हो जाएगी और बाढ़ पीड़ितों को राहत मिलेगी। बाढ़ के प्रभाव से पटियाली इलाके के 26 गांवाें में ग्रामीण काफी समय से बाढ़ आपदा का सामना कर रहे हैं। इन इलाकों में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पानी भरा रहने के कारण फसलों की क्षति का आकलन नहीं हो सका था। पानी उतरने के बाद क्षति का आकलन शुरू हो जाएगा। एसडीएम, पटियाली प्रदीप कुमार विमल का कहना है कि गंगा का पानी लगातार कम हो रहा है। अब शीघ्र ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत मिलने लगेगी। पानी उतरने के बाद फसलों की क्षति का आकलन होगा।