बाह। दिवाली पर सोमवार की सुबह बाह सीएचसी पर हुए प्रसव में चौथी बेटी के जन्म से दुखी हुई महिला को देख कर नवजात को अपनाने के लिए कई लोग पहुंच गये। भदरौली की रहने वाली आशा प्रवेश ने उसे अपनाया और दिवाली पर मिली खुशी पर उसका नाम लक्ष्मी रख लिया। फिरोजाबाद क्षेत्र की रहने वाली महिला दिवाली पर बाह क्षेत्र के गांव में आई थी। उसकी तीन बेटियां हैं, प्रसव पीड़ा होने पर उसे बाह सीएचसी पर भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह चौथी बेटी का जन्म हुआ तो प्रसूता दुखी हो गई। उसकी आंखों में आंसू देख नवजात को अपनाने के लिए कई लोग तैयार हो गये। भदरौली की रहने वाली आशा प्रवेश पर एक बेटा है, कोई बेटी नहीं है। प्रवेश ने बेटी को बेहतर परिवरिश का भरोसा दिला कर अपनाने का अनुरोध किया। जिस पर प्रसूता सहमत हो गई और प्रवेश की बेटी न होने की कमी पूरी हो गई। दिवाली पर बेटी का तोहफा मिलने पर प्रवेश ने उसका नाम लक्ष्मी रख लिया है। बाह सीएचसी के अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्रसूता की सहमति से प्रवेश ने बेटी को गोद लिया है। लिखा पढ़ी के बाद प्रवेश उसे अपने साथ ले गई।