एडीजी रेलवे पीयूष आनंद सोमवार को सुबह 10 बजे आगरा पहुंचे। उन्होंने जीआरपी लाइन का निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक वहां रहने के दौरान एडीजी ने कार्यालय के अभिलेखों, शस्त्रागार और मैस का मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने अधीनस्थों के साथ बैठक करके ट्रेनों में हुए अपराधों और जीआरपी द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
एडीजी ने ट्रेनों में लूटपाट के मामलों में गिरफ्तार बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए। रेलवे के थानों द्वारा कितने बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। इसके बारे में जानकारी की। इसके साथ ही एडीजी ने जेल जाने और छूटकर बाहर आने वाले बदमाशों की निगरानी करने के निर्देश दिए ।
एडीजी रेलवे पीयूष आनंद ने अधीनस्थों को यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की कहा। ताकि वे सफर शुरू करने से पहले खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी जीआरपी थानों में महिला हेल्प डेस्क खोली गई हैं। जीआरपी में महिला सिपाहियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
गांजा तस्करी पर विशेष नजर
इस साल ट्रेनों गांजा तस्करी के सबसे ज्यादा मामले पकड़ में आए । जीआरपी ने इस वर्ष 50 से ज्यादा गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। अधिकांश तस्करों ने सरगना के दिल्ली में होने की बताया । मगर, जीआरपी अभी तक उसके सरगना तक नहीं पहुंच पाई। इस पर एडीजी ने अधिकारियों को गांजा तस्करी पर विशेष नजर रखने के साथ ही उसके नेटवर्क को खत्म करने की कहा।