फिरोजाबाद में एचआईवी संक्रमित महिला के साथ प्रसव के दौरान की गई लापरवाही के मामले की जांच पूरी होने पर कमेटी ने रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज के प्राचार्या को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने एक स्टाफ नर्स को हटा दिया। वहीं, एक सीनियर रेजीडेंट सहित तीन स्वास्थ्यकर्मियों को चेतावनी देते हुए उनके विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। खास बात है कि जांच रिपोर्ट में कॉलेज के गायनो की विभाग अध्यक्षा सहित ड्यूटी पर तैनात अन्य चिकित्सकों की भी लापरवाही सामने आई है। लेकिन इन सभी को कॉलेज प्रशासन ने सिर्फ चेतावनी देकर कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर लिया है।
एचआईवी संक्रमित प्रसूता के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामले की जांच के लिए कॉलेज प्रशासन ने दो सदस्यीय कमेटी गठित किया गया था। इस कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट प्राचार्य को सौंपी दी है, जांच में पाया गया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रीना परवीन ने प्रसूता के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी होने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जेआर डॉ. देवांशी अग्रवाल ने मरीज के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी समय से पहले वरिष्ठ चिकित्सकों को नहीं दी थी, न ही मरीज को ठीक तरीके से देखकर उसका उपचार किया गया।
एसआर डॉ. विकांक्षा तो अपनी ड्यूटी पर ही उपस्थित नहीं थीं। विभागध्यक्ष डॉ. प्रेरणा जैन विभागीय समन्वय के अभाव में दोपहर तीन बजे से भर्ती महिला के प्रकरण से अवगत ही नहीं थी। उन्हें प्राचार्य और सीएमएस महिला ने इस प्रकरण की जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने एक स्टाफ नर्स को दोषी ठहराते हुए उसे ड्यूटी से हटा दिया है। एसआर को चेतावनी देते हुए शासन को पत्र लिखा है।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि एक स्टाफ नर्स को कार्यमुक्त कर दिया है। एसआर और जेआर और अन्य एक अन्य स्टाफ को चेतावनी देते हुए शासन को पत्र लिख दिया है। अन्य स्टाफ को हिदायत दी है कि मरीज को तुरंत ही उपचार दिया जाए।