बाह में आचार्य विद्यासागर की प्रतिमा का रथ में कराया भ्रमण जगह जगह उतारी गई आरती
बाह। आचार्य विद्यासागर महाराज की प्रतिमा सोमवार को बाह पहुंची तो दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। रथ पर विराजमान आचार्यश्री की प्रतिकृति की यात्रा में आचार्य विद्यासागर महाराज का संदेश आत्म-अनुशासन, अहिंसा, सत्यनिष्ठा एवं राष्ट्र-कल्याण गूंजता रहा। संदेश में उन्होंने जीव दया, श्रम, संयम, सम्यक दृष्टि एवं परमार्थ पर जोर दिया था। संदेश भोग की जगह योग अपनाने, भारतीय संस्कृति व भाषाओं को बचाने, आत्मनिर्भरता व ईमानदारी के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा भरा था। रथ में विराजमान आचार्य श्री की प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया गया। जगह-जगह पर आरती उतारी गई। रथ यात्रा के साथ जैन श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए चल रहे थे। इससे पहले नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अभिषेक पूजन के बाद मंगल आरती हुई। इस दौरान पंकज रपरिया, हिमांशु जैन, प्रांशु जैन, सौरभ जैन, नरेश जैन, हर्षित जैन, अमित जैन, मनीष जैन, साधना जैन, रचना जैन, अंजू जैन, मंजू जैन, शारदा, सोनी जैन, नेहा जैन आदि रहीं।