एटा जिला कारागार में 100 से अधिक कैदी ऐसे हैं, इनके अब तक आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। अब आधार कार्ड मुख्य आईडी के रूप में विकसित हो चुका है। ऐसे में बिना आधार कार्ड के कैदियों को तमाम सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे बंदियों व कैदियों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे।
जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि 100 से अधिक कैदी कारागार में निरुद्ध हैं, इनके आधार कार्ड नहीं हैं। इनकी वजह से कैदियों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए जेल में ही शिविर लगाकर आधार कार्ड बनवाने की पहल की जा रही है। बताया कि अगले सप्ताह शिविर का आयोजन प्रशासन की मद्द से कराया जाएगा। इसमें आधार कार्ड से वंचित अन्य बंदियों को भी लाभ मिलेगा और उनके भी कार्ड बनवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सजायाफ्ता कैदी, जो लंबे समय से जेल में हैं और उनकी अभी भी सजा काफी लंबी है। उनकी शासन स्तर पर आईडी जनरेट की जाएगी। ताकि शासन की ओर से संचालित बंदी सुधार योजना में शामिल किया जा सके। इसके बाद कैदियों को कई अन्य सुविधाओं को भी लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। कुछ समय बाद कौशल विकास एवं बंदी सुधार योजना में प्रशिक्षण होने जा रहा है लेकिन आधार कार्ड नहीं होने की वजह से वंचित होने की संभावनाएं हैं। इसलिए जल्द ही आधार कार्ड बनाए जाने का कार्य किया जाएगा।
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