वृंदावन (मथुरा)। स्वामी भक्ति वेदांत मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में शुक्रवार को गौर पूर्णिमा महामहोत्सव चैतन्य महाप्रभु के आविर्भाव महोत्सव के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। महामहोत्सव का शुभारंभ प्रात: कालीन बेला की मंगला आरती के साथ हुआ। धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में ठाकुर श्रीश्री राधावृंदावन चंद्र को नवीन पोशाक धारण कराई गई और उनके समक्ष छप्पन भोग निवेदित किए गए।
महामहोत्सव में मंदिर प्रांगण को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया। मंदिर प्रांगण में गौरांग एवं नित्यानंद महाप्रभु का पालकी उत्सव मनाया गया। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे के मंत्रोचारण के मध्य पालकी उत्सव में शामिल हुए। पालकी उत्सव के उपरांत श्री विग्रहों को मंदिर प्रांगण के उत्सव मंडप ले जाया गया। जहां चैतन्य महाप्रभु एवं नित्यानंद महाप्रभु के श्री विग्रहों का दूध, दही, शहद एवं विभिन्न प्रकार के फलों के रसों एवं विभिन्न जड़ी बूटियों सहित 108 प्रकार के दिव्य पदार्थों से महाअभिषेक किया गया।
संबोधन में वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु के गौर वर्ण होने के कारण उन्हें गौरांग नाम से संबोधित किया जाता रहा है। श्री गौरांग महाप्रभु, कृष्ण के छिन्न अवतार कलियुग में अवतरित हुए। आज वही शुभ दिन पूर्णिमासी की तिथि है और गौर पूर्णिमा उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्ण महामंत्र के माध्यम से कृष्ण प्रेम प्राप्ति का रास्ता दिखाया।
उन्होंने कहा कि इस परिसर में दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जो भविष्य में कृष्णभावनामृत का एक विशाल केंद्र होगा। कार्यक्रम में इंफोसिस फाउंडेशन की चेयर पर्सन सुधा मूर्ती, आम आदमी पार्टी के विधायक अजय दत्त, अक्षयपात्र के निदेशक भरत दास, अक्षयपात्र उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुव्यक्ता नृसिम्हा दास के साथ ही आगरा के उद्यमी डॉ. रंजना बंसल, चंद्रोदय मंदिर के संस्थापक सदस्य डीबी शर्मा भी उपस्थित थेे।