मथुरा। नगर निगम स्वकर प्रणाली लागू करने जा रहा है। कर विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। उसके द्वारा जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर टैक्स तय कर दिया जाएगा। इसकी जानकारी गृह स्वामियों को दे दी जाएगी। गृह स्वामी इसके आधार पर स्वयं ही कर निर्धारित कर नगर निगम को भुगतान कर देंगे। महानगर में अब टैक्स इंस्पेक्टर घर-घर नहीं फटकेंगे। गृह स्वामी खुद अपने घर का टैक्स लगाएंगे और नगर निगम को भुगतान करेंगे। इसके लिए नगर निगम द्वारा नई कर प्रणाली लागू की जा रही है। इस कर प्रणाली में नगर निगम द्वारा निगम क्षेत्र को कई हिस्सों में बांटा जाएगा। प्रत्येक हिस्से का अलग-अलग कर होगा। इसके अलावा घर के क्षेत्रफल की रेट तय कर दिया जाएगा। इस क्षेत्रफल के आधार पर किसी भी भवन का कर तय किया जाएगा। नगर निगम द्वारा स्वकर प्रणाली के लिए नगर निगम क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के आधार पर कर प्रणाली तैयार की जाएगी। कर प्रणाली तैयार करने के बाद इसकी बुकलेट बनाई जाएगी। इस बुक लेट का नगर निगम द्वारा बाकायदा कर दाताओं तक पहुंचाया जाएगा ताकि करदाता कर प्रणाली की जानकारी रख सके। फिलहाल यह कर प्रणाली उत्तर प्रदेश के सभी महानगरों में लागू है। कर प्रणाली लागू होने से कर वसूली करने वाले नगर निगम कर्मियों से काम का भार कम हो जाएगा। उनके पास केवल कर वसूलने का काम रह जाएगा। ज्ञात रहे पहले यह कर प्रणाली नगर पालिका में लागू की जानी थी लेकिन उसी समय नगर पालिका को नगर निगम कर दिया गया इसके चलते यह कर प्रणाली लागू नहीं की जा सकी। अब इस पर नए सिरे से काम किया जाना है। इस संबंध में नगर आयुक्त उज्जवल कुमार ने बताया कि नगर निगम इस प्रकार की कर प्रणाली तैयार कर रहा है। अभी इस पर काफी काम होना है।