मथुरा। बच्चों को टीबी, खसरा, पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में उनके ही मां-बाप बाधा बन रहे हैं। मथुरा शहर के साथ राल, नौहझील, राया, कोसी में यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। अरबन क्षेत्र में 75 प्रतिशत मां-बाप अपने बच्चों को नि:शुल्क टीकाकरण भी नहीं करा रहे हैं। ये चौंकाने वाले आंकडे़ जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वे में सामने आए हैं। जनपद में इस वक्त दो साल तक के बच्चों की संख्या 96 हजार से अधिक है। इसमें 15659 बच्चों के टीकाकरण नहीं हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या मथुरा शहरी क्षेत्र की है। यहां 2800 बच्चों के मां-बाप ने अपने पाल्यों का टीकाकरण नहीं कराया है। इससे भी ज्यादा चिंताजनक स्थिति कस्बा राया की है। यहां 75 प्रतिशत तक दो साल के बच्चों के टीकाकरण नहीं हुआ है। कुछ यही हाल नौहझील, राल, कोसीकलां सहित विभिन्न कस्बों का है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि इस स्थिति में मिशन इंद्रधनुष के तहत अक्तूबर से जनवरी तक प्रत्येक माह में सात दिन का अभियान शुरू हुआ है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद के शहरी क्षेत्र में इस स्थिति से निपटने के लिए गुरुवार को धर्मगुरुओं की काउंसलिंग की गई। उन्हें समझाया गया कि मस्जिद और मदरसों के माध्यम से लोगों को संदेश दें कि बच्चों को टीकाकरण से कोई परेशानी नहीं होगी।