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70 हजार मीट्रिक टन आलू अभी भी शीतगृहों में है भंडारित

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मैनपुरी। कोल्ड स्टोरेज से आलू निकासी करने की समय सीमा में अब महज 22 दिन का ही समय बचा है। लेकिन अब तक जिले के कोल्ड स्टोरेज में 70 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारित है। किसान अब भी इस आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। इससे कोल्ड स्टोरेज संचालक भी चिंतित हैं।
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जिले में बड़े पैमाने पर आलू की पैदावार की जाती है। 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से लगभग छह लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। इसमें साढ़े चार लाख मीट्रिक टन आलू जिले के 52 कोल्ड स्टोरेज में भंडारित किया गया था। अगस्त से ही आलू की निकासी शुरू हो गई थी। उद्यान विभाग द्वारा कोल्ड स्टोरेज में भंडारित संपूर्ण आलू की निकासी के लिए 30 नवंबर तक करनी थी। समय सीमा पूरी होने में भले ही 22 दिन का ही समय शेष हैं, लेकिन अब भी कोल्ड स्टोरेज में 70 हजार मीट्रिक टन के करीब आलू भंडारित है। अगर सम रहते किसानों ने इस आलू की निकासी नहीं की तो ये सड़ने लगेगा। कोल्ड स्टोरेज संचालक भी कोल्ड का संचालन बंद कर देंगे। इसका खामियाजा किसानों को ही भुगतान पड़ेगा।
दरअसल किसान कीमतें बढ़ने की उम्मीद में अभी आलू की निकासी नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में आलू की कीमतें दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक हैं। उद्यान विभाग के अनुसार ये कीमतें बेहतर हैं। किसान जल्द से जल्द अगर आलू की बिक्री नहीं करते हैं तो किसानों को नुकसान ही होगा।
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15 नवंबर को जारी किए जाएंगे नोटिस
जिन किसानों ने अब तक आलू की निकासी नहीं की है, उन्हें 15 नवंबर से कोल्ड स्टोरेज संचालक की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। उन्हें 30 नवंबर तक हर हाल में आलू की निकासी करनी होगी। ऐसा न करने पर उनका आलू विक्रय करने या जब्त करने का पूर्ण अधिकारी कोल्ड स्टोरेज स्वामी को होगा।
बारिश के चलते आलू की बुवाई का काम इस बार पिछड़ गया है। इसी के कारण किसान धीरे-धीरे आलू की निकासी कर रहे हैं। 30 नवंबर तक पूरा आलू किसान निकाल लेंगे। इसमें परेशान होने की बात नहीं है।
- तेजराम सिंह, चिकनी।
किसान तब कोल्ड स्टोरेज से आलू की निकासी से बचते हैं जब कीमतें कम हों। इस बार कीमतें ठीक हैं तो कोल्ड स्टोरेज में कोई आलू नहीं बचेगा। किसान समय से अपने पूरे आलू की निकासी कर लेंगे।
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- राजवीर सिंह, नगला इमिलिया।
किसान समय से आलू की निकासी कर लें। निर्धारित तिथि के बाद कोल्ड स्टोरेज संचालक आलू के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
- अनूप कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी।
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