जिले में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में जांच के नाम पर भी लापरवाही बरती जा रही है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीज की एक ही दिन की सरकारी अस्पताल की जांच रिपोर्ट और प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट में भारी अंतर आ रहा है। प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट जहां भर्ती युवक की प्लेटलेट्स 74 हजार बता रहा है वहीं सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स मात्र 27 हजार बताई गई हैं। परिजन मरीज की अलग-अलग रिपोर्ट को लेकर चिंतित हैं। उन्हें जिला अस्पताल की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं हो रहा है।
दन्नाहार क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी श्रीकृष्ण सिंह का 25 वर्षीय पुत्र सुमित कुमार पिछले तीन दिन से जिला अस्पताल में भर्ती है। जिला अस्पताल में 22 अक्तूबर को सुमित के खून की जांच कराई गई। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की रिपोर्ट में सुमित कुमार की प्लेटलेट्स 27 हजार दर्शाई गई हैं और टीएलसी 6800 दर्शाई गई है जबकि 22 अक्तूबर को ही सुमित ने कचहरी रोड स्थित पुनीता पैथोलॉजी से जांच कराई जिसमें सुमित की प्लेटलेट्स 74 हजार और टीएलसी 6000 दर्शाई गई है।
दो अलग-अलग रिपोर्ट जहां जिले में जांच पर सवाल खड़ा कर रही हैं वहीं अलग-अलग रिपोर्ट से परिजन भी हैरान हैं। डॉक्टरों की राय मानें तो 30 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर मरीज के शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। ऐसे में जिला अस्पताल की रिपोर्र्ट पर कैसे भरोसा किया जाए। वहीं यह भी सवाल है कि जिला अस्पताल की रिपोर्ट में जिस युवक की प्लेटलेट्स 27 हजार बताई गई हैं प्राइवेट पैथोलॉजी में 74 कैसे बढ़ गई हैं। आखिर एक की रिपोर्ट तो गलत है ही। सुमित के पिता श्रीकृष्ण का कहना था कि जिले की जांचों पर कैसे भरोसा किया जाए। एक ही दिन की दो अलग-अलग जांचों ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है।
दो अलग-अलग जांच रिपोर्ट में भिन्नता चिंता की बात है। मामले की जानकारी नहीं है पता लगाकर जांच कराई जाएगी। इस प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। - डॉ. पीपी सिंह सीएमओ