मथुरा। कभी देश भर की सुर्खियां बने जवाहरबाग से दो अधिकारियों सहित 29 लोगों की मौत का दाग धोने में निर्माण निगम रोड़ा बन गया है। इस बहुचर्चित कांड के बाद जवाहरबाग को नई शक्ल देने की योजना पर निर्माण निगम ने अपनी लेटलतीफी के चलते पानी फेर दिया है। पिछले आठ माह से सुंदरीकरण के लिए छह करोड़ रुपये मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों के साथ डीएम के स्तर से भी शासन को पहुंच चुकी है। इसमें जवाहरबाग के सुंदरीकरण की योजना का काम अब तक शुरू न होने जानकारी दी गई है। हालांकि शासन की मंशा के तहत छह करोड़ रुपये उद्यान विभाग द्वारा कार्यदायी संस्था के रूप में निर्माण निगम को करीब आठ माह पहले ही जारी कर दिए थे। इसमें शुरूआत में तो निर्माण निगम ने काम को लेकर हलचल की। बगैर टेंडर के ही चहेते ठेकेदारों को काम बांट दिए थे। इस पर नई सरकार की टेडी नजर होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया से अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले आठ माह से जवाहर बाग में कोई काम नहीं हुआ है। पिछले सप्ताह इस आशय की रिपोर्ट के बाद संयुक्त सचिव उद्यान अलका टंडन ने जवाहरबाग का स्थलीय निरीक्षण किया। राज्य सरकार की योजना के मुताबिक इसके सुंदरीकरण की योजना में हो रहे विलंब पर नाराजगी जताई। जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने काम शुरू न होने का कारण निर्माण निगम ने टेंडर का अब तक अनुमोदन न होना बताया है।