08एमएनपी-15-बराशि से सरसों के खेत में भरा पानी
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मैनपुरी। शुक्रवार रात में हुई झमाझम बारिश ने हाल ही में बोई गई दो सौ हेक्टेयर सरसों को तबाह कर दिया। वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश अधिक होने से अब इसका अंकुरण नहीं होगा। वहीं, अगेती आलू और खेतों में पककर तैयार खड़ी हुई धान की फसल में भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। अब तक जिले में कुल 70 मिमी बारिश हो चुकी है।
बीते दो दिनों से जिले में लगातार हुई बारिश ने एक ओर जहां जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया। वहीं, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार को दिन में रिमझिम बारिश के बाद रात में झमाझम बारिश हुई। पूरी रात में 40 मिमी के करीब बारिश हुई। इससे पहले बीते दो दिनों में 30 मिमी के करीब बारिश हुई थी। शनिवार रात को हुई झमाझम बारिश से हाल ही में बोई गई लगभग दो सौ हेक्टेयर सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि जो सरसों बारिश से पहले बोई गई थी अब उसका अंकुरण नहीं होगा।
इसके साथ ही धान की जो फसल पकने की ओर है, उसमें भी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। खेतों में ही धान की फसल गिर गई है और पानी भरने दानों का अंकुरण शुरू हो जाएगा। साथ ही आलू की अगेती फसल में भी नुकसान होने की प्रबल आशंका है। हालांकि धान और आलू की फसल में वास्तविक नुकसान आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बच्चों को उठानी पड़ी परेशानी
बारिश से मौसम तो ठंडा हो गया है, लेकिन मौसम लोगों के लिए परेशानी बन गया है। सुबह से शुरू हुई बारिश के चलते बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। शुक्रवार को भी बच्चे बारिश में ही स्कूल गए थे और बारिश के दौरान ही लौटे थे। ऐसे में उनकी सेहत पर भी खतरा मंडरा रहा है। मौसम में ठंडक आने से भी अब लोग बारिश बंद होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
आगे भी मौसम खराब रहने की चेतावनी
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आगे भी मौसम खराब रहने की ही आशंका है। मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 12 अक्तूबर तक हालात ऐसे ही रहेंगे। कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश होती रहेगी। ये बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह साबित होगी।