मथुरा। बचपन में ही सिर से मां और पिता का साया उठ गया तो दोनों बच्चियां बड़े भाई केे सहारे पलने-बढ़ने लगीं, लेकिन कुछ ही दिन बीते थे कि भाई का अत्याचार शुरू हो गया। आरोप है कि उन दोनों को दिन भर कमरे में कैद रखा जाता था। विरोध करने पर पिटाई होती थी। ये आपबीती है नोएडा में रहने वाली दो सगी बहनों की। अपनों के अत्याचार से परेशान ये लड़कियां फिलहाल चार दिन से मथुरा के कृष्णानगर में परचून की दुकान चलाने वाले दुकानदार मोहन और उसके बीबी बच्चों के साथ रह रहीं हैं। 15 साल और 10 साल की यह दोनों बहनें मोहन को दिल्ली में कर्नाटक एक्सप्रेस में रोती-बिलखती मिली थीं। मोहन ने इनके बारे में पुलिस को सूचना दे दी है। कृष्णानगर में मोहन के घर रह रहीं सगी बहनें 15 वर्षीय संध्या और 10 वर्षीय नेहा मोहन के परिवार में घुल मिल गईं हैं। संध्या ने ‘अमर-उजाला’ को बताया कि वह नोएडा में अपने बड़े भाई और भाभी के साथ रहते थीं। भाई मजदूरी करते हैं। आरोप है कि आए दिन उनका भाई उन्हें मारता था और सवेरे से शाम तक घर में कैद रखता था। मौका पाकर सोमवार को वह दोनों बस से दिल्ली पहुंची। दिल्ली में कर्नाटक एक्सप्रेस में चढ़ने के बाद दोनों बहनें कोने में बैठी रो रही थीं तो मथुरा कृष्णा नगर के मोहन उन्हें अपने साथ मथुरा ले आए। उधर, मोहन ने पुलिस को सूचना दी है। पुलिस जल्दी ही दोनों के परिजनों को ढूंढ कर मामले का पता लगाएगी।