राया (मथुरा)। अगर दोस्तों ने जरा सी भी हिम्मत दिखाई होती तो मनोज आज जिंदा होता। तीनों दोस्त अपने साथी को जलती कार में फंसा छोड़कर भाग गए। सड़क से गुजर रहे वाहनों को रोककर भी लोगों की मदद मांगते तो मनोज को कार से बाहर निकाला जा सकता था। लेकिन तीनों दोस्त भागकर दूर जाकर बैठ गए।
मनोज के परिवार वालों का भी आरोप है कि उनके बेटे की मौत के जिम्मेदार उसके ही दोस्त हैं। वहीं मनोज के भाई सोनू ने कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
फरीदाबाद के सेक्टर 18 में आसपास ही रहते थे मनोज उर्फ बंटी, रामस्वरूप, रामप्रसाद और सुरेश। शनिवार को यह चारों दोस्त राया में शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए थे।
यह लोग अपने एक दोस्त की कार लेकर आए थे जिसे मनोज चला रहा था। दो दोस्त पीछे बैठे थे, तीसरा मनोज के बराबर वाली सीट पर था। हादसे के बाद जब कार में आग लगी तो तीनों गाड़ी का गेट खोलकर गाड़ी से उतर गए लेकिन मनोज की साइड वाला गेट नहीं खुल सका।
इससे मनोज कार में जिंदा जल गया। दरअसल जहां कार फंसी थी वहां खेत के किनारे कटीले तार लगे थे इससे कार का गेट नहीं खुल सका। तीनों दोस्त गाड़ी को छोड़कर काफी दूर जाकर खड़े हो गए। अगर इन तीनों की बात पर यकीन किया जाए तो इनका कहना था कि वह घबरा गए थे।
कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे। उधर, कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई। यह भी माना जा रहा है कि शादी से लौट रहे थे हो सकता है शराब का भी सेवन किया हो। हालांकि परिवार वालों ने कहा है कि उसके दोस्तों ने शराब पी रखी थी। वहीं मनोज के भाई सोनू ने कैंटर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
पुलिस को दे सकते थे सूचना
राया के प्रभारी निरीक्षक रोहन लाल का कहना है कि पुलिस को ही सूचना दे देते तो पुलिस जल्द मौके पर पहुंच सकती थी।। राया-मथुरा मार्ग व्यस्त मार्ग है। अगर कोशिश करते तो वाहनों को रुकवाकर लोगों से मदद मांग सकते थे।
जलती कार की नंबर प्लेट तोड़ कर एप से की शनाख्त
राया। पुलिस ने मृतक की शनाख्त करने के लिए जलती कार की नंबर प्लेट तोड़कर कार का नंबर मोबाइल एप पर डाला। तब कहीं रात में शनाख्त हो सकी। पता चला कि कार किसी रामनिवास निवासी फरीदाबाद की है। जानकारी करने पर पुलिस को पता चला कि कार को पड़ोसी मनोज उर्फ बंटी विवाह कार्यक्रम में ले गया है। इसके बाद मृतक के परिजनों को सूचना दी गई।