मथुरा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद साउंड की अनुमति को लेकर मची आपाधापी के बीच अब सिटी मजिस्ट्रेट ने सामूहिक अनुमति देना शुरू कर दिया है। इसमें मैरिज होम, गेस्ट हाउस के साथ बैंडबाजे वालों को दो से तीन माह की अनुमति एक साथ दी जा रही है। इससे शादी समारोह वाले परिवारों ने राहत की सांस ली है।
धार्मिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर प्रमुख सचिव गृह के आदेश के बाद सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम कार्यालयों में अनुमति के लिए भीड़ लगी हुई है। हर दिन दर्जनों आवेदन आ रहे हैं। वर्तमान में अधिकांश आवेदन शादी समारोह के दौरान बजने वाले बैंडबाजे और डीजे की अनुमति के लिए आ रहे हैं। इसमें पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट भी लगवानी होती है। इसके बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट या एसडीएम द्वारा अनुमति जारी हो रही है। इस पूरी प्रक्रिया में चार-पांच दिन लग रहे हैं।
लोगों की परेशानियों को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट डा. बसंत अग्रवाल ने अब बैंडबाजे वालों के साथ गेस्ट हाउस और मैरिज होम संचालकों को एक से दो माह की अनुमति देना शुरू कर दिया है। इससे व्यक्तिगत समारोह की अनुमति के लिए भागदौड़ कर रहे लोगों को राहत मिल गई है। डा. अग्रवाल ने बताया कि लोगों की समस्याओं को देखते हुए यह अनुमति दी जा रही है।