कासगंज। कई दिनों के बाद मेघा जमकर बरसे। साढ़े 10 घंटे तक लगातार 45 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है। जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक बारिश है। इतनी अधिक बारिश होने से शहर में जगह - जगह जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। नगला सैय्यद में झोंपड़ी की दीवार गिर जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया।
जिला में मानसून ने काफी देर से दस्तक दी। जून माह के अंतिम दिन ही बारिश हुई। जुुलाई माह में बारिश तो हुई लेकिन इस माह में होने वाली औसत बारिश से काफी कम बारिश हुई। इस माह में किसी दिन इतनी बारिश नहीं हुई जितनी रविवार को बारिश हुई है। बारिश का दौर देर रात्रि ढाई बजे से शुरू हो गया। यह दौर दिन दोपहर एक बजे तक चला। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। बारिश के दौरान अहरोली ग्राम पंचायत के नगला सैय्यद में अजीमुद्दीन की झोंपड़ी की दीवार गिर पड़ी।
जिससे उनके पैर में चोट लग गई। लोगों ने काफी प्रयास के बाद मलवा को हटाया। शहर के रेलवे रोड,, गांधी मूर्ति क्षेत्र में जलभराव हो जाने से रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। लक्ष्मीगंज क्षेत्र में जलभराव का असर बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। शहर के प्रभु पार्क, सोरों गेट आंबेडकर तिराहा, गली न्यारियान, सूत की मंडी, गंगेश्वर कॉलोनी, लवकुश नगर, गली जाटवान, अशोक नगर सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
बारिश का बाजार पर पड़ा असर
कासगंज। बारिश के चलते बाजार की चहल पहल पर भी असर देखा गया। बाजार अन्य दिनों की अपेक्षा देर से खुला। बारिश एवं मार्गो पर जलभराव के चलते फड़ एवं ढकेल संचालकों को काफी परेशानियां रहीं, रविवार को अपना कारोबार नहीं कर सके। उधर अच्छी बारिश ने किसानों के चेहरे खिल गए। खेतों में धान, मक्का, बाजरा, सहित अन्य फसलें है। वहीं सब्जियों में अरबी, लौकी,, तोरई, गोभी आदि की फसलें है।