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बारिश के बाद वायरल का प्रकोप

Agra Bureau Updated Thu, 13 Sep 2018 12:25 AM IST
फिरोजाबाद। बारिश के बाद बदले मौसम में वायरल बुखार लोगों को जकड़ रहा है। जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट चिकित्सकों तक मरीजों की कतार लगी है। मंगलवार को बुखार से नारखी में एक बालक की मौत भी हो गई थी। इधर, जिला अस्पताल में जरूरी दवाएं खत्म हो गई हैं। मरीजों के तीमारदार बाहर से दवाएं खरीद कर ला रहे हैं।
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अस्पतालों में सबसे ज्यादा भीड़ इन दिनों बुखार के मरीजों की है। डाक्टर मरीजों को अस्पताल की दवा कम, बाहर की अधिक लिख रहे हैं। मरीजों का कहना है कि डाक्टर ने बाहर की दवा लिखी है। अस्पताल की दवा लिखने को कहा, तो कह दिया कि अस्पताल में दवा है नहीं। बाहर से लिखी दवाएं इतनी महंगी हैं कि कुछ मरीज मेडिकल स्टोर से दवाओं की कीमत सुनकर लौट जाते हैं। बहुत से मीरज तो सस्ते के चक्कर में झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं।


कौन सी दवा किस मर्ज की है, यह मरीज तो जानते नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष सहित अन्य चिकित्सकों के कमरों में हर दूसरे-तीसरे मरीज को पर्ची पकड़ा दी जाती है। चाहे बुखार हो, मगर मरीज को ताकत का सीरप लिख दी जाती है। खांसी के सीरप भी नहीं मरीजों को गले में खरास व खांसी, जुकाम की समस्या है, लेकिन खांसी का सीरप जिला अस्पताल में नहीं हैं।

-दखल से आईं नीलम ने कहा कि मुझे बुखार आ गया था। डॉक्टर को दिखाया, तो बाहर की दवा लिख दी और कहा कि सामने मेडिकल से ले लेना। अस्पताल में दवा नहीं है।
-छरतपुर निवासी अंजली ने कहा कि बुखार और सिर दर्द था, मगर डाक्टर साहब ने बाहर की दवा लिख दी। हमने कहा था कि डाक्टर साहब अस्पताल की दवा लिख दो। उन्होंने सुना ही नहीं।

-मोहम्मद गंज निवासी रूबी ने कहा कि मुझे थायराइड है, तो डाक्टर ने बाहर की दवा लिख दी। मैं जब अस्पताल की दवा लिखने की जिद करने लगी, तो उन्होंने अस्पताल से दवा लिख दी।
-जावटपुरी से शाहजहां ने कहा कि बच्चे को बुखार की दवा दिलाने आई थी। एक पर्ची दी है, जिस पर चार दवा बाहर की लिखी हैं।
-सचिन पाठक ने कहा कि भतीजे को बुखार, दस्त की दवा दिलाने आया, मगर बाहर से सीरप, इंजेक्शन अन्य दवाएं लिख दी। 240 रुपये की दवा आई है। सरकारी अस्पताल होने का कोई मलतब नहीं है।


-हमारे यहां दवाएं पर्याप्त हैं, मगर चिकित्सक क्यों नहीं लिख रहे हैं, हम उनसे जानकारी करेंगे। हमने कई बार कहा है कि चिकित्सक अस्पताल में दवा हैं, उनको ही लिखें।
डा. आरके पांडेय, सीएमएस।

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