रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव।
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन (मथुरा) उत्तर भारत के दक्षिणशैली के प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत सोमवार को ठाकुर गोदारंमन्नार विशाल रथ में विराजित होकर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर प्रबंधन द्वारा मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
ठाकुर गोदारंगमन्नार अपनी दिव्य अलौकिक छवि के अनुरूप उत्तर भारत में अपनी तरह इकलौते चंदन की लकड़ी से निर्मित दिव्य रथ में विराजमान हो भक्तों को दर्शन देंगे। इस विशाल रथ की सफाई, साज, सज्जा के कार्य को रविवार को अंतिम रूप दिया गया। ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत इस सबसे बड़े आयोजन के लिए मंदिर प्रशासन, नगर निगम और पुलिस द्वारा मेले के सफल आयोजन की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।
रंगनाथ मंदिर से जुड़े पंडित विजय किशोर मिश्र ने बताया कि इस दिव्य रथ की खासियत यह है कि विशाल रथ किसी यंत्र से नहीं बल्कि हजारों भक्तों द्वारा रस्सों से खींचा जाता है। मान्यता है कि ठाकुर जी की सवारी को खींचने का अक्षय पुण्य लाभ होता है। इसी रथ की सवारी के नाम से इस ब्रह्मोत्सव को रथ का मेला भी कहते हैं।