मथुरा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के जिले में 35 फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है। चोरी के यह आंकड़े बिजली विभाग ने जारी किए हैं। सबसे ज्यादा चोरी राया, मांट और नौहझील में दर्शाई गई है।
प्रदेश में बिजली चोरी रोकने को अभियान चलाए जा रहे हैं। मशीनरी दौड़ रही है। लेकिन बिजली मंत्री के जिले में ही विभाग बिजली चोरी रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। स्थिति ये है कि चोरी का प्रतिशत कम होने के मुकाबले बढ़ता ही जा रहा है। कुछ फीडर क्षेत्रों में तो 40 फीसदी तक बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर बिजली अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि पिछले साल के मुकाबले बिजली की खपत भी बढ़ गई है।
गत वर्ष अप्रैल, मई और जून माह में 344 मिलियन यूनिट बिजली मथुरा को दी गई थी। जबकि इस साल इन महीनों में मथुरा जिले को 400 मिलियन यूनिट बिजली दी गई है। एसई देहात विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि सबसे ज्यादा चोरी देहात के डिवीजन थर्ड में मांट, राया और नौहझील में हो रही है। यहां चोरी का प्रतिशत 35 फीसदी है।
बलदेव, फरह और औरंगाबाद इलाके वाले डिवीजन फर्स्ट में पच्चीस प्रतिशत से ऊपर, कोसीकलां, शेरगढ़ और चौमुंहा में 24 प्रतिशत से ऊपर, चतुर्थ डिवीजन गोवर्धन, राधाकुंड, मथुरा गोवर्धन रोड और शहर के एक चौथाई इलाके में बिजली चोरी, लाइन लॉस 26 फीसदी से अधिक है। एसई ने बताया कि अब लाइन लॉस कम करने और बिजली चोरी रोकने के लिए पूरे सिस्टम को सुधारा जा रहा है। गांवों में मीटर लगाकर बिल भेजने व वसूली पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए टीम बनाई गई हैं।