इसके अलावा जागीर की ग्राम पंचायत पुडऱी में वर्ष 2020-21 में सचिव अनुज मिश्रा ने अपात्र लाखन सिंह के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार और द्वितीय किस्त के रूप में 70 हजार रुपये दे दिए। इस प्रकार कुल 2.30 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। जब ये चारों आवास पूर्ण नहीं हुए तो इनकी रिपोर्ट शासन से मांगी गई।
मामले की जब खंड विकास अधिकारियों से जांच कराई गई तो पता चला कि ये चारों लोग अपात्र थे। खंड विकास अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर चारों सचिवों के वेतन से रिकवरी के आदेश सीडीओ विनोद कुमार ने दिए हैं। वेतन से रिकवरी के आदेश से सचिवों में खलबली है।
तीन से एकमुश्त तो एक से किस्तों में होगी वसूली
चार सचिवों से आवास की धनराशि की वसूली की जानी है। मनोज राजपूत, रोहित जौहरी और प्रदीप कुमार ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। इनके वेतन से जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा 40-40 हजार रुपये की रिकवरी एकमुश्त की जाएगी। वहीं तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व वर्तमान एडीओ अनुज मिश्रा से तीन किस्तों में वसूली होगी। अनुज मिश्रा प्रथम दो किस्तों में 40-40 हजार और अंतिम किस्त में 30 हजार रुपये की वसूली की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में चार अपात्रों को धनराशि देने का मामला सामने आया है। चारों सचिवों के वेतन से रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। हर हाल में इसी माह वेतन से वसूली की जाएगी।