कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अपहरण और मारपीट के मामले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
जनपद एटा में बागवाला थाना के गांव गढ़ी बेंदुला निवासी प्रमोद ने बीती 7 जुलाई को सिढ़पुरा थाने में तहरीर देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनका भाई नरसिंह पाल उर्फ नरसी मुकदमे की तारीख करने के लिए एटा कोर्ट जा रहा था। गांव बकावली में रिंकू की परचूनी की दुकान के सामने खड़ा होकर भाई वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी उसके ही गांव के आरोपी कृपाल, दलवीर, हर्षित, राजीव व चार अन्य लोग काले रंग की क्रेटा कार से आए और उसका अपहरण करके ले गए थे। पुलिस ने नरसिंह पाल को एटा से बरामद किया था। पुलिस ने नरसिंह पाल के बयान के आधार पर आरोपी ममता देवी, कंचन उर्फ कौशल, मयंक उर्फ गोलू और सोमवीर के नाम और मारपीट की जोड़ी थीं। आरोपियों ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने केस डायरी के अवलोकन के बाद पाया कि आरोपी नरसिंह पाल को जबरन कार में डालकर ले गए और मारपीट की। 20 हजार रुपये और मोबाइल छीन लिए। कार के अंदर मयंक और सोमवीर पहले से मौजूद थे। कृपाल के घर पर कंचन मौजूद था। बाद में सभी मिलकर उसे ममता देवी के घर ले गए, जहां उसे एक कमरे में बंद करके फिर से मारपीट की गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर कुल 37 चोटें पाई गईं। इनमें से एक गंभीर प्रकृति की है। न्यायालय ने इन सभी तथ्यों को देखते हुए आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।