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Exclusive : आगरा में 16 साल में नहीं हो पाई 32 तालाबों की खोदाई, 87 लाख रुपये की कार्ययोजना फेल

Mon, 01 Aug 2022 03:46 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

राजस्व व नगर निगम ने 2006 में तालाबों से कब्जे हटाने की कार्ययोजना बनाई थी। 16 साल बीते गए, अब तक न तालाबों से अतिक्रमण हटा और न ही पुनर्द्धार हो सका।  
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तालाब की जमीन पर बस गई बस्ती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग और नगर निगम 16 साल में 32 तालाबों की खोदाई नहीं कर पाए। 87 लाख रुपये की कार्य योजना फेल हो गई। तालाबों से अतिक्रमण हटे न पुर्नउद्धार हो सका। ये हाल तब है जब जनहित याचिका के जवाब में कार्य योजना बनी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से अंजाम तक नहीं पहुंच सकी।

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शहर डार्क जोन में शामिल है, फिर भी 16 साल से शहरी क्षेत्र में तालाबों की खोदाई, डिसील्टिंग व जीर्णोद्धार नहीं हो सका। सूबे में सूखे के हालात हैं, जबकि आगरा सर्वाधिक वर्षा वाला जिला है। यहां 25% अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। आसमान से बरसने वाले अमृत को सहेजने के इंतजाम लापरवाही की भेंट चढ़ गए। 

2012 में हाईकोर्ट ने दिए थे निर्देश 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीके जोशी की जनहित याचिका 77444/2006 में पारित आदेश में दिनांक 30 अगस्त 2012 को चिह्नित तालाबों से अतिक्रमण हटाने व खोदाई की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। 

जिसके लिए तत्कालीन कमिश्नर अशोक कुमार और डीएम अजय चौहान के आदेश पर एडीए ने 16 और नगर निगम व राजस्व विभाग ने 16 कुल 32 तालाबों की खोदाई के लिए करीब 87 लाख रुपये का एस्टिमेट बनाया था, जिसे 2006 में हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। तब तीन से चार महीने में खोदाई कार्य पूर्ण होना था। 2012 में हाईकोर्ट ने याचिका पर आदेश जारी किए, लेकिन 10 साल बाद भी नतीजा सिफर है। एक भी तालाब से कब्जा हटा न खोदाई हो सकी।

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दूसरी जनहित याचिका भी बेअसर

डीके जोशी के बाद सपोर्ट इंडिया वेलफेयर सोसायटी ने तालाबों को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए जनहित याचिका 1474/2019 दाखिल की। 16 सितंबर 2019 के आदेश में हाईकोर्ट ने 1952 की स्थिति में तालाबों को पुराने स्वरूप में लौटाने के आदेश दिए, लेकिन तीन साल बाद भी इस याचिका पर प्रशासन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा सका है।

दावा : 13 अमृत सरोवर हुए तैयार

अमृत सरोवर योजना के तहत मनरेगा व पंचायतराज विभाग ने 13 तालाब तैयार करने का दावा किया है। 15 ब्लॉक में 690 तालाब का लक्ष्य है। इनमें 215 तालाब चिह्नित हुए हैं। 143 तालाबों पर खोदाई कार्य चल रहा है। इसमें टाइड फंड से करीब 15 करोड़ रुपये 50 तालाबों की खोदाई पर खर्च होगा। बाकी खोदाई मनरेगा मजदूर करेंगे। तीन महीने से अमृत सरोवर बनाने की कवायद चल रही है।

जल्द पूरा होगा काम

मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अमृत सरोवर की खोदाई कार्य चल रहा है। जो तालाब खोदे हैं, उनमें बारिश का पानी भर चुका है। 15 अगस्त तक 20 सरोवर तैयार करने का लक्ष्य है। टाइड फंड व मनरेगा से खोदाई कराई जा रही है। 
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हटवाए जा रहे हैं कब्जे

आगरा के एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिन तालाबों पर अतिक्रमण है उन्हें हटवाया जा रहा है। सभी एसडीएम व तहसीलदार को पत्र लिखा है। पूर्व में बनी कार्य योजना के बारे में जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग से जानकारी की जाएगी। 

इन तालाबों के लिए बनी थी कार्ययोजना

बोदला में गाटा संख्या 350, 857, सिकंदरा बहिस्तावाद में गाटा संख्या 381, 468, 476, 479, 492, 538, 714, गैलाना के ककरैठा में गाटा संख्या 85, 205, 517, 82, जगनपुर में 441, लश्करपुर में 538/1, बसई में गाटा संख्या 175, उर्खरा में गाटा 292, सेवला जाट में 37, चक शिशम में 47, चक दोयम 351, चक सोयम में 122 ख, 212, 197, चक पांच में गाटा 5, नरायच में 140, 2107, 1247, 498 सहित कुल 32 तालाबों की खोदाई के लिए 87 लाख रुपये की कार्ययोजना थी।
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