नौहझील (मथुरा)। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के लिए भले ही कोई लाभकारी योजना लाई या नहीं, लेकिन पर्यटकों को विदेश जाने के लिए सब्सिडी देकर उड़ान योजना जरूर ले आई है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने आसाम के पर्यटकों को विदेश जाने के लिए 300 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। जबकि बर्बाद किसानों को फूटी कौड़ी देने का कलेजा राज्य और केंद्र सरकार में नहीं। उन्होंने कहा कि किसान हित न करने वाली सरकार को सत्ता से बाहर कर देना चाहिए।
नौहझील के मोरकी इंटर कालेज के मैदान पर रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि आज राजनीति का स्तर इस हद तक गिर गया है कि खुद मुख्यमंत्री त्योहारों के नाम पर सरकार का खजाना खाली कर रहे हैं, जबकि किसान मजदूर के हितों की बात कोई नहीं कर रहा। किसानों को अपने हक के लिए एकजुट होना होगा। सरकारें किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर सकतीं तो उनको सत्ता से बाहर कर देना चाहिए। जल्द ही ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो रालोद सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा।
इस दौरान पांच सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम वरुण कुमार पांडेय को सौंपा गया। रालोद नेता डा. अनिल चौधरी, जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह, महानगर संयोजक ताराचंद गोस्वामी, योगेश नौहवार, राजेंद्र सिकरवार, रामवीर भरंगर, रविंद्र नरवार, मालती चौधरी, मुकेश पहलवान, रामरसपाल पौनियां, यदुवीर सिसौदिया, सतेंद्र प्रधान, बिजेंद्र प्रधान उपस्थित रहे। अध्यक्षता बदन सिंह ने की। रालोद की किसान आक्रोश पंचायत में सपा यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष सौरभ चौधरी, ओमवीर नौहवार, राजकुमार चौधरी, रोशन सिंह, सुशील चौधरी भी पहुंचे।
रालोद उपाध्यक्ष के सामने भिड़े कार्यकर्ता
नौहझील। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के सामने ही संचालन को लेकर जयपाल प्रधान और पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवराज सिंह भिड़ गए। रालोद उपाध्यक्ष के इशारे के बाद आखिरकार जयपाल सिंह को ही संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई।