मथुरा। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण को लेकर प्राधिकरण असमंजस में है। एक तरफ एनजीटी के आदेश का अनुपालन करना है तो दूसरी तरफ ग्रामीण इसके विरोध में हैं। 6 मार्च को विकास प्राधिकरण को एनजीटी में इस संबंध में जवाब दाखिल करना है।
एनजीटी ने गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग की सीमा में आने वाले निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इस आदेश के तहत विकास प्राधिकरण द्वारा इस दायरे में वर्ष 2010 के बाद बने निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है। विगत दिनों गांव आन्यौर क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों ने विरोध किया और कलक्ट्रेट और प्राधिकरण कार्यालय घेर कर निर्माणों का ध्वस्तीकरण रोकने की मांग की। अब 6 नवंबर को विकास प्राधिकरण को इस संबंध में एनजीटी में जवाब दाखिल करना है।
प्राधिकरण को बताना होगा कि एनजीटी के आदेशों के अनुक्रम में ध्वस्तीकरण प्रक्रिया कहां तक पहुंची। इसके चलते प्राधिकरण के वह अधिकारी बहुत परेशान हैं जिनको एनजीटी का सामना करना है। अभी करीब एक सैकड़ा से अधिक निर्माण ऐसे हैं जिनको तोड़ा जाना है। प्राधिकरण के सचिव रमेश चंद ने बताया कि जल्द ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।