वृंदावन (मथुरा)। साल 2011 में उत्तराखंड के नैनीताल में बेटी क ी हत्या और मां पर जानलेवा हमला करने के मामले के एक आरोपी सतीश पंडित उर्फ सतीश चंद्र पचौरी निवासी परखम गुर्जर वृंदावन ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस अब तक मुख्य आरोपी एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इस मामले में बरेली निवासी संजय यादव की पत्नी किरन साल 2009 में बनारस निवासी सरोज यादव के साथ बरेली में एएनएम का कोर्स कर रहीं थीं। दोनों में अच्छी मित्रता हो गई थी। उसी दौरान किरन की दोस्ती लखनऊ आने-जाने वाले वृंदावन निवासी लाखन से हो गई। कुछ दिन बाद लाखन की मुलाकात सरोज से हुई तो लाखन ने किरन से दूरी बनाते हुए सरोज से दोस्ती बना ली। बताते हैं कि यह बात किरन को खटकने लगी तो किरन उन दोनों के रिश्ते को लेकर लाखन को ब्लैकमेल करने लगी।
जुलाई 2011 में सरोज और किरन एएनएम कोर्स पूरा कर लखनऊ रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचीं। इसके बाद यहां से दोनों वृंदावन के लिए निकलीं। सरोज के साथ उसकी आठ वर्ष की बेटी शिवानी भी थी। तीनों वृंदावन में रुकीं थीं। इसके बाद एकाएक सरोज, किरन और लाखन के रिश्तों में एक मोड़ आया और इसी बीच किरन और लाखन ने सरोज को मौत के घाट उतरने की योजना बना ली। लाखन ने अपने दो साथियों को साथ लिया और गाड़ी से सभी लोग बरेली के लिए निकल लिए। कासगंज में ढाबे पर लाखन ने सरोज और उसकी बेटी के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। दोनों गाड़ी में बेहोश हो गईं। आरोपियों ने नैनीताल में सरोज और उसकी बेटी की गर्दन पर वार किया और दोनों को मरा समझ कर झाड़ियों में फेंक दिया।
इस घटना में शिवानी की मौत हो गई, जबकि सरोज किसी तरह बच गई। सरोज ने इसकी रिपोर्ट नैनीताल के तल्लीताल थाने में कराई। उत्तराखंड पुलिस ने इसकी विवेचना की, लेकिन असफल रही। विवेचना 2013 में वृंदावन ट्रांसफर हो गई। जांच अधिकारी एसएसआई अवधेश कुमार ने बताया कि साल 2016 में अल्मोड़ा में दबिश देकर हत्याकांड में शामिल किरन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लाखन को भी पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। एक आरोपी शेरा अब भी फरार हो गया। आरोपी सतीश चंद्र ने कोर्ट में सिरेंडर कर दिया है।