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Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी, 210 लोगों को लगाया चूना: निकालते थे फर्जी विज्ञापन

Fri, 11 Aug 2023 10:18 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, आगरा

सार

मामले में जानकारी मिलने पर थाना हरीपर्वत पुलिस और सिटी एसओजी ने ठग को पकड़ लिया। 210 युवाओं से धोखाधड़ी की आशंका है। संजय प्लेस में ऑफिस खोला था और आवेदन करने पर ऑनलाइन पैसे लिए जाते थे। रायपुर में 45 लाख रुपये की ठगी में पकड़ा गया था।
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गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ का ठग शुभम कुमार आडवानी संजय प्लेस में फर्जी कंपनी बनाकर युवाओं से धोखाधड़ी कर रहा था। इस्पात कंपनी के नाम पर नौकरी का विज्ञापन देकर आवेदन करने वालों से 2-2 हजार रुपये वसूल रहा था। सहायक मैनेजर के नाम पर सैकड़ों सिम और डोंगल की डील करा ली। इनको साइबर अपराधियों को बेचने की तैयारी थी। मामले में जानकारी मिलने पर थाना हरीपर्वत पुलिस और सिटी एसओजी ने ठग को पकड़ लिया। 210 युवाओं से धोखाधड़ी की आशंका है।

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डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जांजगिरी दुर्ग स्थित साईं विलास निवासी शुभम कुमार को गिरफ्तार किया है। वह बीए पास है। पूर्व में वह छत्तीसगढ़ के रायपुर में 45 लाख रुपये की ठगी में पकड़ा गया था। उसने फर्जी कंपनी बनाकर सिम और डोंगल खरीदे थे। इन्हें साइबर अपराधियों को अधिक दाम में बेच दिया था। तब मुकदमा दर्ज हुआ था।

 

अब वह भागकर आगरा आ गया। सेक्टर-12 में शुभ एसोसिएट के नाम से ऑफिस खोल लिया। विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली। बाद में वृंदावन टावर में कार्यालय शिफ्ट कर लिया। कुश कालरा को सहायक मैनेजर नियुक्त किया। उसे भरोसे में लेकर ऑफिस रेंट एग्रीमेंट बनवाया। सिम और डोंगल भी खरीदे। तकरीबन 210 युवाओं को साक्षात्कार के लिए बुलाकर ठगा। अब वो फर्जी कंपनी के माध्यम से कई और जिलों में ठगी कर रहा था। सिम और डोंगल को साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करता।

 

सूर्या इस्पात के नाम से निकाली थी भर्ती
मामले में न्यू सुभाष नगर निवासी कुश कालरा ने पुलिस से संपर्क किया था। बताया कि उसने अपना जॉब्स एप्लीकेशन के माध्यम से आरोपी की शुभ एसोसिएट में नौकरी के लिए आवेदन किया था। शुभम ने उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया। सहायक मैनेजर नियुक्त कर दिया। परामर्श शुल्क के 2 हजार रुपये भी लिए। लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं दिया। कई और लोग नौकरी के लिए इंटरव्यू देने आए थे। बाद में शुभम ने उनके नाम पर सिम और डोंगल के आर्डर दिए। इसके लिए कई नेटवर्क प्रदाता कंपनी के मैनेजरों को ऑफिस बुलाया। इसमें खरीद के लिए डील हुई। बाद में उसे पता चला कि सूर्या इस्पात का कोई कार्यालय आगरा में नहीं है। शक होने पर पुलिस से शिकायत की।

 

बार कोड भेजकर खाते में ली रकम
आरोपी ने नौकरी के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था। इसके लिए मोबाइल एप बना रखा है। आवेदन आने पर युवाओं को बार कोड भेजकर रुपये ट्रांसफर कराता था। लोगों को कंपनी की फर्जी मुहर लगाकर पत्र जारी करता था। उदयपुर में भी सूर्या इस्पात के नाम से कार्यालय खोलने की तैयारी थी।

 
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आरोपियों के पास से बरामद हुआ ये सामान
पुलिस ने एक कार, एक मोबाइल, 4500 रुपये, 10 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक आधार कार्ड, एक पेन कार्ड, 2 खाली चेक बुक, 1 लैपटॉप एडप्टर, की बोर्ड, 98 सिम कार्ड, 1 बैग, 1 पासपोर्ट, 1 फर्जी मुहर बरामद की है।
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