मथुरा। नगर निकाय चुनाव से पहले ही कांग्रेस में कलह गूंजने लगी है। शहर उपाध्यक्ष ने रालोद का दामन थाम लिया है जबकि कई नेता दूसरी पार्टियों के संपर्क में हैं। संगठन के लिहाज से बड़ी पार्टी मानी जाने वाली कांग्रेस में नगर निगम के चुनाव आते ही टूट-फूट शुरू हो गई है। इसे कांग्रेस की गुटबंदी का असर भी माना जा सकता है। शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष दिलीप चौधरी ने राष्ट्रीय लोकदल में अपना ठिकाना तलाश लिया और कांग्रेस पार्टी में रहते हुए ही रालोद की पार्षद पद के उम्मीदवार बन गए। इसके चलते शहर कांग्रेस अध्यक्ष आबिद हुसैन ने उन्हें पद मुक्त करते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया है । आबिद हुसैन ने विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। कांग्रेस में दिलीप चौधरी ऐसे पहले पदाधिकारी नहीं हैं जिन्होंने पार्टी में रहते हुए दूसरी पार्टी की उम्मीदवारी हासिल की है। पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी भी बड़ी पार्टियों से टिकट पाने को लाइन में लगे हुए हैं। हालांकि पार्टी के बड़े नेता किसी भी कलह से इंकार कर रहे हैं।