निलंबन तक की हुई कार्रवाई
स्लाइड रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद शासन ने तत्कालीन डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय, एसपी अजय शंकर राय का तबादला कर दिया था। तत्कालीन थाना भोगांव के प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह, सीओ भोगांव प्रयांक जैन, एएसपी ओमप्रकाश सिंह को निलंबित किया गया था।
डीजीपी किए गए थे तलब
सामाजिक कार्यकर्ता एमपी सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट ने जांच की धीमी गति पर तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को तलब किया। इलाहाबाद में ही एक दिन रुककर प्रगति रिपोर्ट देने को कहा। अगले दिन उनको इलाहाबाद से जाने दिया।
मेडिकल जांचें रहीं बेअसर
दुष्कर्मी का पता लगाने के लिए एसआईटी द्वारा 500 से अधिक लोगों के डीएनए टेस्ट कराए। स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट की अनुमति के बाद 12 लोगों के पॉलीग्राफी तथा चार लोगों के नार्को टेस्ट कराए जा चुके हैं।
पूर्व डीजीसी चतुर सिंह ने कहा कि संदिग्ध हालत में छात्रा की हुई मौत के बाद स्लाइड की जांच में मेल स्पर्म पाए जाने के बाद यह साबित हुआ है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है। आत्महत्या करने का कारण भी मनोवैज्ञानिक दबाव होता है। दुष्कर्मी का सुराग लगाया जाना जरूरी है।