मथुरा। छाता के गांव पसौली में 13 दिन पूर्व मेड़बंदी को लेकर दबंगों के हमले मेें गंभीर रुप से घायल हुए किसान ने रविवार को दम तोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटते हुए छाता पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में हीलाहवाली बरती, जबकि पुलिस इन आरोपों से इंकार कर रही है। कोतवाली छाता के गांव पसौली निवासी रामहेत (45) पुत्र नत्थी दो अक्तूबर को अपने दो पुत्रों पुनीत और राजू के साथ चारा लेने के लिए खेत पर गए थे। खेत पर देखा तो पड़ोसी ने मेड़बंदी कर रखी थी। टोकने पर पड़ोसियों ने एकत्रित होकर उन पर हमला बोल दिया। रामहेत को दो गोली मार दी गई। एक गोली उसकी आंख और दूसरी उसके सिर पर लगी थी। हमलावरों ने दोनों बेटों को भी फरसे और डंडे से हमलाकर घायल कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को भर्ती कराया। बाद में बेटे की तहरीर पर गांव के नंदकिशोर, धर्मेंद्र, दीपक, जगनी, रोहतान, प्रेम सिंह और राजवीर के खिलाफ छाता कोतवाली में मुकद्दमा दर्ज कराया गया लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। उधर, रविवार की दोपहर गोवर्धन चौराहे के समीप सिटी अस्पताल में भर्ती रामहेत ने दम तोड़ दिया। जहां परिजनों ने पुलिस पर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। इसके बाद छाता पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। बेटे पुनीत का आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिली है तभी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि राजवीर और जगनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।