मथुरा। नवंबर 2015 में मगोर्रा के गांव बड़पुरा में जहर से हुई विवाहिता की मौत के मामले में न्यायालय ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नामजद अन्य तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है। वहीं एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
चंदन सिंह निवासी नगरी मगोर्रा ने अपनी बेटी प्रीति की शादी 30 जनवरी 2015 को धर्मेन्द्र पुत्र वीरेन्द्र निवासी बड़पुरा थाना मगोर्रा के साथ की थी। आरोप था कि बेटी के ससुराल वाले दहेज की मांग करते थे। प्रीति सात माह की गर्भवती थी। 24 नवंबर 2015 को पिता चंदन सिंह से प्रीति ने फोन पर अपनी हत्या की आशंका व्यक्त की थी।
मायकेवालों का आरोप था कि 27 नवंबर 2015 को प्रीति की जहर देकर मार दिया। पिता ने थाना मगोर्रा में पति धर्मेन्द्र सहित ससुर वीरेन्द्र, सास विमला देवी, जेठ रवि, जेठानी सीमा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (महिला संबंधी) एफटीसी प्रथम सुरेन्द्र कुमार ने पति धर्मेन्द्र को आजीवन कारावास तथा सात हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है । आरोपी सास विमला, जेठ रवि और जेठानी सीमा को दोष मुक्त कर दिया। धर्मेन्द्र के पिता आरोपी वीरेन्द्र की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि मुकदमे में कुल सात गवाह पेश हुए थे।