मथुरा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद अब शहर के बीच चल रहे चांदी की पालिश के कारखाने (बाइब्रेटर और ढोल) संचालकों में खलबली मची हुई है। आदेश के बाद नौ उद्यमियों ने शहर के बाहर उद्योग स्थापित करने का पत्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में जमा कराया है। शहर के बीचों बीच करीब 70 से अधिक बाइब्रेटर और ढोल संचालित किए जा रहे हैं। इनसे निकलने वाला केमिकल नालियों के माध्यम से सीधा यमुना में गिर रहा है। बीते दिनों शहर के बीच चल रहे कारखानों को लेकर एनजीटी ने सख्ती दिखाते हुए इनके बिजली और पानी का कनेक्शन काटने का आदेश जिलाधिकारी को दिया। इस आदेश के बाद इन उद्यमियों में खलबली मची हुई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में अब तक नौ उद्यमियों ने पत्र लिखकर शहर के बाहर जाने की बात कही है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया इस मामले में एनजीटी ने साफ कह दिया है कि इनके कनेक्शन काटे जाएं। 27 अप्रैल को एक बार फिर इस मामले की सुनवाई में हमें शपथ पत्र के साथ प्राधिकरण को अवगत कराना है।