मथुरा। जिले में धान की फसल ने एक बार फिर किसान को चौपट कर दिया है। सूखा के कारण जिले में 35 से 50 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। इसके अलावा अन्य फसलों पर भी सूखा का बुरा प्रभाव पड़ा है। जिले में इस बार बरसात औसत से बहुत कम हुई है। इसका असर जिले में धान की फसल करने वाले किसानाें पर पड़ा है। आलू की फसल में बुरी तरह से मात खाए किसान की कमर अब सूखा के कारण धान ने भी तोड़ दी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन सूखा के प्रभाव का अंतिम आकलन करने में जुटा है। तहसील और कृषि विभाग की ओर से किए जा रहे सर्वे में 35 से लेकर 50 प्रतिशत तक सूखा का असर सामने आया है। इसमें सबसे अधिक प्रभाव उन क्षेत्रों में पड़ा है जो नहर से जुडे़ नहीं है। इसमें बलदेव और राया का निचला क्षेत्र भी शामिल है। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने बताया कि सूखा के सर्वे की जल्द रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल जो संभावित रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक धान की फसल 35 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है।