फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्या के केस में समझौते को रची गैंगरेप की साजिश

विज्ञापन
सांकेतिक चित्र - फोटो : demo
विज्ञापन
मथुरा। हत्या के मामले में राजीनामा का दबाव बनाने को हत्यारोपी के बेटों ने मृतक के परिवार को फंसाने की साजिश रच डाली। गैंगरेप का मुकद्दमा दर्ज होने से पहले ही वृंदावन पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों को दबोच लिया है। जबकि दो फरार हो गए। साल 2015 में वृंदावन के गांव गोपालगढ़ में झगड़े में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपी आज भी जिला कारागार में निरुद्ध है। वृंदावन के गांव गोपालगढ़ निवासी किशनपाल की 16 जून 2015 को गांव के हरिचंद्र ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्यारोपी को जेल भेज दिया। इसके बाद आरोपी के बेटे मृतक के परिवार को फंसाने के लिए साजिश रचते रहे। मामले में मृतक के बेटे एवं भतीजों पर फर्जी गैंगरेप का मुकद्दमा दर्ज कराने की साजिश की खबर मिलते ही वृंदावन पुलिस ने महिला समेत तीन को दबोच लिया। साजिशकर्ता दो फरार हो गए। पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पायल ने गांव के सत्यवीर (साजिशकर्ता का साला), दिल्ली ओखला मंडी निवासी कृष्णा एवं सपना को गिरफ्तार किया है। साजिशकर्ता श्रीचंद एवं गोपीचंद फरार हो गए। बताया गया कि हत्या में राजीनामा का दबाव बनाने के लिए कोर्ट के आदेश पर 14 जनवरी 2017 में गैंगरेप का मुकद्दमा मृतक के भाई रतनदास एवं जुगलकिशोर के खिलाफ दर्ज कराया था। पुलिस ने कुछ दिन बाद ही इस मुकद्दमे को एक्सपंज कर दिया। हत्यारोपी के परिवार ने अबकी बार मृतक के लड़के राजीव उर्फ राजेश, भतीजे कुलदीप एवं शिवशंकर के खिलाफ गैंगरेप के फर्जी मुकद्दमे की साजिश रची थी। हत्यारोपी के पुत्र ने फर्जी मुकद्दमा दर्ज कराने को 20 हजार रुपये कृष्णा को दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें