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बालक की मौत से भड़के ग्रामीणों ने किया बवाल

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गांव में बैठे बराती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किशनी (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर में बुधवार रात बरात में शामिल डीजे के साथ आई पिकअप से गिरकर एक बालक पहिये के नीचे आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया। बरातियों के साथ मारपीट कर गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। इतना ही नहीं गाड़ियों में आग लगाने की भी कोशिश की। दूल्हा व अन्य बरातियों ने पड़ोसी गांव में जाकर शरण ली। मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ सीओ भोगांव पहुंचने पर मामला शांत हुआ। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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गांव रतनपुर निवासी रामप्रकाश जाटव की पुत्री किरन की बरात बुधवार को थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव लुखरया सुगांव से आई थी। दूल्हा बना रामकुमार गाजे-बाजे के साथ लड़की के दरवाजे पर आ ही रहा था, तभी डीजे लगी पिकअप पर गांव के कुछ बच्चे लटक गए। बरात चढ़ते समय चालक ने अचानक गाड़ी को पीछे किया तभी पिकअप पर लटका गांव निवासी 12 वर्षीय सुमित जाटव नीचे गिर गया। पिकअप के पहिया उसे कुचलता हुआ निकल गया। अचानक हुए इस हादसे से बरात में हड़कंप मच गया। वहीं चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया।

सुमित की मौत की खबर गांव में फैलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। एकत्रित हुए ग्रामीणों ने आते ही बरातियों के साथ मारपीट करते हुए गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान गाड़ियों में आग लगाने की कोशिश भी की गई। इस बीच बराती दूल्हे को खेतों के रास्ते गांव चमनपुर निवासी रिश्तेदार राज बहादुर के यहां ले गए। दूल्हा पक्ष की ओर से लाया गया सारा सामान भी गांव में ही छूट गया। मारपीट में बराती विनोद जाटव निवासी नगल वनखंडी घायल हो गया।
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बवाल की सूचना मिलने के बाद सीओ भोगांव परमानंद पांडेय पुलिस बल के साथ गांव पहुुंच गए। हंगामा कर रहे ग्रामीणों को रोकने के प्रयास किए। इस बीच दमकल भी बुला ली गई। सीओ के समझाने पर गुस्साए ग्रामीण शांत हुए। बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में ले लिया है, वहीं चालक की तलाश कर रही है।

गमगीन माहौल में दुल्हन की विदाई
गांव रतनपुर में बालक की मौत के बाद हुए हंगामे को पुलिस ने कई घंटे बाद शांत कराया। गुरुवार सुबह प्रधानपति देवराज यादव, बसपा नेता विद्याराम, अशोक कुमार आदि ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्हें समझाया कि घटना जान बूझकर नहीं की गई है।

एक हादसा हुआ है इसमें न तो दूल्हे का कोई दोष है न हीं हाथों में मेंहदी रचाए बैठी दुल्हन का गुनाह है। काफी देर तक चली पंचायत के बाद आखिरकार ग्रामीण शादी के लिए राजी हो गए। रह गए बरातियों व परिवारीजनों के साथ दूल्हा गांव रतनपुर दुल्हन के घर पहुंचा।

सुबह करीब आठ बजे शादी की सारी रस्में गमगीन माहौल के बीच संपन्न कराई गई। प्रधानपति ने दुल्हन का कन्यादान लिया। शादी सुबह करीब 10 बजे दुल्हन बनी किरन पति रामकुमार के साथ विदा हुई। दूसरी ओर बालक की मौत के बाद घर में कोहराम मचा है।
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