मैनपुरी में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता दिवस पर 126 विचाराधीन बंदियों को रिहाई योजना का लाभ मिल सकता है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जेल अधीक्षक ने पात्रता के दायरे में आने वाले 126 बंदियों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में भेज दी है। प्राधिकरण सचिव ने इनकी रिहाई के संबंध में प्रकिया शुरू करा दी है।
जेल प्रशासन द्वारा विचाराधीन बंदियों की सूची विवरण के साथ भेजी गई है। इसमें विचाराधीन बंदियों का नाम, आयु, किया गया अपराध, जेल में बंद रहने की अवधि का ब्यौरा दर्ज है। बंदियों की रिहाई का आधार जमानत ही होगा। बंदियों को वकील के माध्यम से जमानत की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
यह बंदी शामिल
साठ साल से अधिक के दस बंदी, 35 महिला बंदी, सात साल से कम सजा वाले 96 बंदी शामिल हैं। दो ऐसे बंदी भी शामिल हैं जिनकी जमानत मंजूर हो चुकी है लेकिन जमानतगीर नहीं होने के कारण रिहाई नहीं हो पा रही है।
पैनल लॉयर को सौंपी जिम्मेदारी
बंदियों को रिहा कराने में औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए 19 पैनल लॉयर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित पैनल लॉयर बंदियों के वकीलों से संपर्क कर उनकी जमानत कराने के लिए पैरवी करेंगे। जिन बंदियों के पास वकील नहीं हैं उनकी पैरवी पैनल लॉयर करेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी गई सूची
जेल अधीक्षक कोमल मंगलानी ने बताया कि विचाराधीन बंदियों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में भेज दी गई है। पात्रता में 126 बंदी आए हैं। जैसे निर्देश मिलेंगे पालन किया जाएगा।
कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने के दिए निर्देश
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गौरव प्रकाश ने बताया कि जेल से भेजी गई विचाराधीन बंदियों की सूची के आधार पर पैनल लॉयर को कोर्ट आवंटित कर दी गई हैं। उन्हें कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए हैं।