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पानी के अभाव में रेगिस्तान बनते जा रहे फरह क्षेत्र में खेत

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फरह (मथुरा)। सिंचाई के साधनों का अभाव किसानों पर भारी पड़ रहा है। पानी की कमी से खेत रेगिस्तान में बदल रहे हैं। नेताओं के झूठे वादों से अन्नदाता घायल हो रहा है, अधिकांश गांवों में अब एक ही फसल पैदा होने लगी है। यूं तो समूचे क्षेत्र में खारा पानी है। कुछ क्षेत्र में सिंचाई के लिए नहर ते पानी का इंतजाम है। अधिकांश क्षेत्र नहर के पानी से दूर हैं। रजबहा व माइनरों की सफाई-खुदाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे किसान बदहाल होता जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय का क्षेत्र बीते दो दशक से सिंचाई के साधनों के अभाव में रेगिस्तान की ओर बढ़ता जा रहा है। खेतों को पर्याप्त पानी न मिलने से अधिकांश गांवों में केवल रबी की फसल पैदा हो रही है। दौलतपुर गांव के क्षेत्रपाल सिंह बताते हैं दो दशक पहले उनके गांव के आसपास तक रजबहा व माइनर से पानी आता था, इससे खेतों की सिंचाई होती थी और भरपूर पैदा होती थी। धीरे-धीरे यह सब खत्म हो गया। दीनदयाल धाम के जगदीश प्रसाद बताते हैं नहरी पानी से उनके खेतों की सिंचाई होती थी, पानी की कमी से रास्ते मिट गए और अब खेत रेगिस्तान में तब्दील होते जा रहे हैं। वादों पर खरे नहीं उतरे नेता, बढ़ रहा बंजर का रकबा क्षेत्र को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए तमाम वादे हुए। रजबहा को बड़ी नहर से जोड़ने को लोग आगे आए, मांग रखी। राजनेताओं ने आश्वासन भी दिए, लेकिन वादे आज भी अधूरे हैं। वहीं, पानी के अभाव में खेतों की सिंचाई नहीं हो रही है। खारा पानी खेतों को बंजर बना रहा है। ऐसे में किसान नष्ट होती खेती को देख कर रो रहा है। शासन- प्रशासन ने इस और कभी ध्यान नहीं दिया।
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